अमरोहा में मुर्दाघर बन रहे अनरजिस्टर्ड अस्पताल, पुड़ियों में मौत बांट रहे झोलाछाप डॉक्टर
अमरोहा में अनरजिस्टर्ड अस्पताल और झोलाछाप डॉक्टर मौत का धंधा चला रहे हैं, जिससे प्रसव के दौरान महिलाओं की मौतें बढ़ी हैं।

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
अमरोहा में अनरजिस्टर्ड अस्पताल और झोलाछाप डॉक्टर मौत बांट रहे।
अवैध क्लीनिकों के कारण प्रसव के दौरान महिलाओं की मौतें बढ़ीं।
स्वास्थ्य विभाग ने 135 क्लीनिक सील किए, पर कम पर FIR।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। धरती का भगवान कहे जाने वाले चिकित्सक का काम तड़पते रोगियों को राहत देने यानी उनका सही उपचार करना है। परंतु जिले में इन दिनों चिकित्सा व्यवसाय को कुछ लोगों ने मौत का धंधा बना लिया है।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते जिले में अब गली-मुहल्लों में अस्पताल व क्लीनिक खुले हुए हैं। जिनमें न सिर्फ खांसी-बुखार-जुखाम की पुड़िया दी जा रही हैं बल्कि आपरेशन तक किए जा रहे हैं। ऑपरेशन भी झोलाछाप कर रहे हैं। यानि वह मौत बांट रहे हैं।
प्रसव के दौरान महिलाओं की मौत का आंकड़ा तेजी के साथ बढ़ा है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने जनवरी 2026 से सितंबर तक छापामार अभियान के दौरान करीब 135 अपंजीकृत नर्सिंगहोम-क्लीनिकों को सील कर चुका है, मगर खानापूर्ति के लिए मुश्किल से करीब 35 के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में करीब 130 निजी अस्पताल-क्लीनिक पंजीकृत हैं। जबकि हकीकत यह है कि इससे कई गुने अवैध अस्पताल-क्लीनिक संचालित हैं। जिनका विभाग के कुछ चिकित्सकों का गठजोड़ है और उनकी हर माह जेब गर्म होती है। जिसके कारण उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती है।
अस्पताल में कोई घटना व उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद ही खानापूर्ति के लिए कोई कार्रवाई होती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 से अब तक अवैध अस्पताल-क्लीनिक संचालकों के खिलाफ की गई कार्रवाई।
वहीं पर गौर करें तो छापामार कार्रवाई के दौरान करीब 135 अवैध अस्पताल-क्लीनिकों को सील कर संचालकों को नोटिस जारी किया गया था। लेकिन बिडंबना है कि इनमें से केवल 35 अस्पताल-क्लीनिक संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। बाकी को धीरे-धीरे मौत का लाइसेंस देकर वैध कर दिया गया।
डिडौली क्षेत्र में कादिर हेल्थ केयर, इकरार नगर, श्री वासुदेव तीर्थस्थल के पास क्लीनिक, हसनपुर में वरदान, रियाज नर्सिंग होम, संभल रोड उझारी स्थित अमान हास्पिटल, रहरा का नर्सिंग होम होम, संभल रोड ढक्का स्थित सिमरन हेल्थ क्लीनिक, हसनपुर में कमला हॉस्पिटल, सिहाली जागीर का आसिफ जीवन क्लीनिक आदि तमाम ऐसे अस्पताल शामिल हैं। जिसमें उच्चाधिकारियों के आदेश पर अभियान चलाकर सील किया गया।
सीएमओ डॉ. रमाकांत सागर ने बताया कि जितने भी अवैध नर्सिंग होम-क्लीनिक चल रहे हैं या जिन्हें अनाधिकृत रूप से वैद्य किया गया है। उनके खिलाफ अभियान चलाकर बंद कराया जाएगा।
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