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दावों की खुली पोल: 'विधायक जी जरा इधर भी देखिए!' 60 से ज़्यादा सरकारी स्कूलों में टाट-पट्टी पर पढ़ने को मजबूर बच्चे

Published: Thu, 15 Oct 2026 08:42 PM (IST)

अमरोहा के हसनपुर और धनौरा विधानसभा क्षेत्रों के 60 से अधिक सरकारी स्कूलों में फर्नीचर न होने से बच्चे टाट-पट्टी ...और पढ़ें

प्राथमिक विद्यालय जल्लौपुर द्वितीय में टाट पट्टी पर बैठे बच्चों को शिक्षा ग्रहण कराती सहायक अध्यापक सोनम वर्मा। जागरण

प्राथमिक विद्यालय जल्लौपुर द्वितीय में टाट पट्टी पर बैठे बच्चों को शिक्षा ग्रहण कराती सहायक अध्यापक सोनम वर्मा। जागरण

HighLights

  1. दैनिक जागरण की टीम ने स्कूलों का दौरा किया तो हकीकत आई सामने

जागरण संवाददाता, अमरोहा। शिक्षा व्यवस्था सुधारने के दावों के बीच सत्ताधारी विधायकों के क्षेत्रों में भी सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। हसनपुर और धनौरा विधानसभा क्षेत्र के 60 से अधिक स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है, जिससे शिक्षक बच्चों को टाट-पट्टी पर बैठाकर ही पढ़ाने को मजबूर हैं।

दैनिक जागरण की टीम ने दौरा किया तो हसनपुर के जल्लोपुर प्राथमिक विद्यालय तथा धनौरा के संविलियन विद्यालय पहाड़पुर और प्राथमिक विद्यालय रज्जाकपुर में कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिला।

मंडी धनौरा के ग्राम पहाड़पुर इनायत स्थित कंपोजिट विद्यालय में फर्नीचर के अभाव में टाट पर बैठकर पढ़ाई करते विद्यार्थी। जागरण

बेसिक शिक्षा विभाग के जिले में 1,254 विद्यालय संचालित हैं। जिसमें बच्चों की सुविधाओं के लिए हर स्कूल में फर्नीचर समेत 19 पैरामीटर पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके लिए स्कूलों में सरकार की तरफ से कुछ कंपोजिट ग्रांट भी भेजी जाती है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में ग्राम पंचायतों के जरिये पैरामीटर भी पूरे कराए गए हैं। मगर हैरत की बात है कि जिले स्कूलों में पैरामीटर ही पूरे नहीं हैं।

दैनिक जागरण की टीम ने सत्ता पक्ष के विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी के विधानसभा क्षेत्र हसनपुर में दौरा किया तो स्कूलों में सुविधाओं की हकीकत सामने आई। जिसमें जल्लोपुर में देखा तो वहां का स्कूल जर्जर था।

प्राथमिक विद्यालय जल्लोपुर द्वितीय में टाट पट्टी पर बैठकर शिक्षा ग्रहण करते बच्चे। जागरण

बच्चों को पंचायत सचिवालय के भवन में नीचे फर्श पर टाट पट्टी पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा था। प्रधानाचार्य विनीत कुमार ने बताया कि विद्यालय में 70 बच्चे पंजीकृत हैं। फर्नीचर न होने से टाट पट्टी पर बैठाकर बच्चों को पढ़ाया जा रहा है।

बताया कि विधानसभा में 44 स्कूल फर्नीचर विहीन है। गंगेश्वरी के बीईओ उदयवीर सिंह ने बताया कि फर्नीचर के लिए बजट की डिमांड भेजी गई थी, लेकिन अभी तक बजट नहीं आया है।

उधर विधायक राजीव तरारा के विधानसभा क्षेत्र धनौरा क्षेत्र में दैनिक जागरण की टीम स्कूलों में कराए गए पैरामीटर की जांच करने निकली। संविलियन विद्यालय पहाड़पुर इनायत में पहुंचकर देखा तो वहां 104 बच्चे पंजीकृत थे। जिन्हें टाट पट्टी पर बैठाकर पढ़ाया जा रहा था।

मंडी धनौरा के कन्या प्राथमिक विद्यालय में फर्नीचर होने के बावजूद जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते विद्यार्थी। जागरण

रज्जाकपुर प्राथमिक विद्यालय में आधी कक्षाओं में बच्चे टाट-पट्टी पर बैठकर पढ़ते नजर आए। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय बछरायू नंबर-दो, डींगरा, करमपुर, मुर्गापुर, ततारपुर गर्वी, अहरौला माफी विद्यालयों में भी फर्नीचर का अभाव है।

जिसमें टाट-पट्टी पर बच्चे बैठे नजर आए। पूछने पर बताया कि विधानसभा क्षेत्र में करीब 18 स्कूल ऐसे हैं जिनमें फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। बीईओ प्रकाश चंद ने बताया कि फर्नीचर खरीदने के लिए बजट की कई बार डिमांड की गई है, लेकिन अभी तक बजट नहीं मिला है। फर्नीचर के लिए शीघ्र ही बजट मिलने की उम्मीद है।

 

भाजपा सरकार में ग्राम पंचायतों के जरिये सरकारी स्कूलों में पैरामीटर के हिसाब से कायाकल्प का कार्य कराया गया है। जिससे अधिकांश विद्यालयों में फर्नीचर व अन्य सुविधाएं उपलब्ध है। जिन विद्यालयों में फर्नीचर की कमी है। उन्हें बजट दिलाकर पूरा कराया जाएगा।

-महेंद्र सिंह खड़गवंशी, हसनपुर, विधायक।

 

विस क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों में फर्नीचर की व्यवस्था है। प्रदेश सरकार प्राथमिक शिक्षा को लेकर काम कर रही है। यदि किसी स्कूल में फर्नीचर नहीं है तो वहां जानकारी शिक्षा विभाग के अधिकारियों से फर्नीचर की व्यवस्था कराने को कहा जाएगा। स्वयं भी इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देखेंगे।

-राजीव तरारा, विधायक, मंडी धनौरा।


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