विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अमरोहा में बाढ़ का तांडव: 70% फसलें तबाह, मुआवजे के लिए शासन से मांगे ₹9.50 करोड़

Published: Fri, 02 Oct 2026 11:02 PM (IST)

अमरोहा की हसनपुर और धनौरा तहसीलों में गंगा की बाढ़ से 70% फसलें नष्ट हो गईं, जिससे किसानों को भारी ...और पढ़ें

नाववाला गांव के खेतों में भरा बाढ़ के पानी और बाढ़ के पानी में खड़े होकर फसल बर्बादी देखते किसान  जागरण आर्काइव

नाववाला गांव के खेतों में भरा बाढ़ के पानी और बाढ़ के पानी में खड़े होकर फसल बर्बादी देखते किसान जागरण आर्काइव

HighLights

  1. हसनपुर क्षेत्र में 2534.38 हेक्टेयर व धनौरा में 2749.877 हेक्टेयर फसलें नष्ट

जागरण संवाददाता, अमरोहा। जिले की दो तहसीलों में गंगा के पानी से आई बाढ़ ने जमकर तबाही मचाई। किसानों की 70 प्रतिशत तक फसलें खराब हो गईं। हसनपुर तहसील क्षेत्र में 2534.38 हेक्टेयर व धनौरा में 2749.877 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसलें बाढ़ से प्रभावित हुई हैं।

किसानों को मुआवजा वितरित करने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। उसके द्वारा करीब 9.50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है और धनराशि की मांग की है।

पहाड़ों पर वर्षा की वजह से गंगा नदी काफी समय से उफान पर है। उसका पानी धनौरा व हसनपुर तहसील क्षेत्र के 59 गांवों के जंगलों में भर गया था। इससे किसानों की खेतों में खड़ी उड़द, धान, गन्ना, बेलदार सब्जियों की फसलें जलमग्न हो गई थी।

पानी नहीं उतरने की वजह से फसलें खराब हो गई थीं। दोनों तहसील क्षेत्रों के गांवों के जंगल में अभी भी पानी भरा हुआ है। जिसकी वजह से लेखपालों द्वारा सर्वेक्षण का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है लेकिन, तहसीलों से अनुमानित क्षेत्रफल की रिपोर्ट मुख्यालय को प्राप्त हो गई है।

जिला आपदा विशेषज्ञ पवन शुक्ला ने बताया कि हसनपुर तहसील में हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन ने 4.81 करोड़ व धनौरा तहसील के लिए 4.67 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर जिलाधिकारी के जरिए शासन को भिजवाया गया है और धनराशि की मांग की गई है। ताकि, किसानों को बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाया जा सके।

इफ्को टोक‍ियो ने किया था बीमा

सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। जिसके तहत खरीफ के सीजन में 8825 किसानों ने फसलों का बीमा कराया था। यह बीमा इंश्योरेंस कंपनी इफ्को टोकियो ने किया था।

कंपनी के कर्मचारियों ने बाढ़ से प्रभावित 59 गांवों में सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। इसमें करीब 2100 किसानों की 70 प्रतिशत तक बीमित फसलें बेकार हो गई हैं। हसनपुर व मंडी धनौरा तहसील के 23 गांवों ऐसे हैं जहां 50 से 70 फीसद फसलें नष्ट हुई हैं।

इन 23 गांवों के किसानों की सबसे अधिक खराब हुईं फसलें

आजमपुर, वसी मुस्तकम, दियावाली, सतैड़ा, चीला एतमाली, पपसरा खादर, विसौली मुस्तकम, जैथल मुस्तकम, रसूलपुर भंवर एतमाली, पपसरी खादर, मुकारमपुर, मौसमपुर, मोहम्मदाबाद, लठीरा, कांकाठेर, तिगरी, सुजमना, कादराबाद, चकनवाला, अलीनगर, फतेहउल्लापुर, इब्राहिमपुर चक मार्ग, खाबड़ी।

 

दोनों तहसीलों से फसलों के खराब होने से संबंधित प्राप्त अनुमानित क्षेत्रफल के आधार पर शासन को धनराशि की मांग के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। कितने किसानों की फसलें खराब हो गई हैं, उनके बारे में ब्योरा जुटाया जा रहा है। अभी खेतों में पानी है, इसलिए देरी हो रही है।

- गरिमा सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व


यह भी पढ़ें- वकील, गवाह से लेकर मेहर की रकम तक... अमरोहा में 155 साल पुराने रजिस्टर में दर्ज हैं पूर्वजों के निकाह की परतें