खाली कागज अपलोड किया और बन गए 1820 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र! अमरोहा में सचिवों की लापरवाही से बड़ा खेल
अमरोहा में पांच ग्राम पंचायतों के सचिवों की आईडी हैक कर जालसाजों ने 1820 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किए, ...और पढ़ें

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HighLights
बगैर संस्तुति पत्र बना दिए 1820 जन्म प्रमाण पत्र
जागरण संवादताता, अमरोहा। जिले की पांच ग्राम पंचायतों के सचिव की आइ़डी हैक कर जालसाजों ने 1820 लोगों के फर्जी प्रमाण पत्र बना दिए। हैरत की बात तो यह है कि आइडी हैक होने के सात से 10 दिन बाद सचिवों को इसकी जानकारी हुई। यानी सचिव खुद आइडी को लेकर लापरवाह रहे हैं। उन्होंने आइडी ही खोलकर नहीं देखी।
वहीं जालसाजों ने सभी प्रमाण पत्र बगैर उच्चाधिकारियों के संस्तुति पत्र के बनाए हैं। ऐसा नहीं हैं कि उन्होंने संस्तुति पत्र के स्थान पर कोई कागज आइडी पर अपलोड नहीं किए, उन्होंने कहीं शासनादेश तो कहीं कोरा कागज अपलोड किया है।
दरअसल जालसाजों ने जिले के जोया ब्लाक की ग्राम पंचायत तोफापुर के ग्राम सचिव अमरजीत सिंह आइडी हैक कर छह व सात अक्टूबर को यूपी समेत 17 राज्यों के 498 लोगों के नाम से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बना लिए थे। जिसकी जानकारी 14 अक्टूूबर को हुई थी।
वहीं मंडी धनौरा ब्लाक की ग्राम पंचायत मुसल्लेपुर, बाखरपुर, सैदपुर व मोहम्मदपुर पट्टी के सचिव राजीव कुमार की आइडी भी पांच अक्टूूबर को हैक कर 1322 फर्जी प्राण पत्र जारी किए थे। जिसकी जानकारी बुधवार को हुई थी।
हालांकि यह मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सभी 1246 आइडी निष्क्रिय कर दी हैं। दोनों मामलों में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी है। हैरत की बात तो यह है कि ग्राम सचिवों ने अपनी आइडी खोलकर ही नहीं देखी थीं।
सात से 10 दिन बाद आइडी खोली तो मामला सामने आया था। यदि सचिव नियमित रूप से आइडी खोलते तथा उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर होते तो शायद यह मामला सामने नहीं आता। वहीं सभी प्रमाण पत्र बगैर किसी उच्चाधिकारी के संस्तुति पत्र के जारी किए गए हैं।
जालसाजों ने संस्तुति पत्र के स्थान पर कहीं शासनादेश तो कहीं कोरा कागज अपलोड किया है। जबकि नियमानुसार जन्म के 21 दिन के भीतर ग्राम सचिव का संस्तुति पत्र लगता है।
एक साल तक डीपीआरओ तो दो साल तक के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए संबंधित एसडीएम का संस्तुति पत्र लगाया जाता है। अब एक अक्टूबर 2026 के बाद दो साल से अधिक समय के लिए अदालत का आदेश मिलने के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।
एसआईटी में शामिल होंगे पांच सदस्य
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी में पांच सदस्य शामिल किए गए हैं। एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि सीओ सदर की अध्यक्षता वाली इस टीम में साइबर थाना प्रभारी, डिडौली थाना प्रभारी, धनौरा थाना प्रभारी और साइबर सेल का एक हेड कांस्टेबल शामिल है।
फर्जी तरीके से जारी प्रमाण पत्रों को निरस्त कराने की कार्रवाई शासन स्तर पर चल रही है। बताया कि टीम ने जांच शुरू कर दी है। टीम यह पता लगाएगी कि ग्राम पंचायतों की आईडी का किस तरह इस्तेमाल किया गया और फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने के पीछे कौन लोग शामिल हैं। साथ ही आईडी हैक करने के तरीके और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
