अमरोहा में 105 डिजिटल लाइब्रेरी में व्यवस्थाओं की जांच करेंगे अधिकारी, लाखों रुपये के खर्च पर उठे सवाल
अमरोहा की 105 डिजिटल लाइब्रेरी में व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें मिलने के बाद अधिकारियों ने जांच का फैसला किया है। ...और पढ़ें

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।
HighLights
अमरोहा की 105 डिजिटल लाइब्रेरी में व्यवस्थाओं की जांच होगी।
ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद करती हैं।
फर्नीचर, कंप्यूटर, किताबों पर लाखों रुपये का खर्च हुआ।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। ग्रामीण युवा दूसरे शहरों की बजाय अपने गांव में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करें। इस उद्देश्य के साथ सरकार ने पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी का निर्माण कराया है। हर पंचायत में लाइब्रेरी बनाई गई हैं। लेकिन, 105 पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई गई हैं।
इनमें पढ़ने वाले युवाओं को वाईफाई, कंप्यूटर से ऑनलाइन पढ़कर परीक्षा की तैयारी करने तक की व्यवस्था की गई है। लेकिन, कुछ लाइब्रेरी में व्यवस्थाएं सही नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। जिस पर अफसरों ने संज्ञान लेते हुए जिला स्तरीय अधिकारियों से उनकी जांच कराने का निर्णय लिया है।
जनपद में 576 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से केवल 105 पंचायतों में बनी लाइब्रेरी को डिजिटल रूप में विकसित किया गया है। इनमें बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर, ऑनलाइन पढ़ने के लिए कंप्यूटर, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियों से संबंधित पुस्तकों व मुफ्त वाईफाई तक की व्यवस्था की गई है।
इसके अतिरिक्त ज्ञानवर्धक बाल पेंटिंग भी लाइब्रेरी के अंदर की गई है। कहा जाए तो पढ़ाई का एक अच्छा माहौल लाइब्रेरी में देने का कार्य किया गया है परन्तु कुछ में अव्यवस्था की शिकायतें अधिकारियों को मिल रही हैं। इस मामले को उन्होंने गंभीरता से लिया है।
डीपीआरओ नितिन कुमार ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी में व्यवस्थाओं को परखा जाएगा। इसके लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों को जांच सौंपी जाएगी। यह अधिकारी लाइब्रेरी में जाकर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आवश्यक सामग्री, बैठने, पेयजल व प्रकाश आदि की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद जांच रिपोर्ट विभाग को सौपेंगे। उनकी रिपोर्ट के बाद मामले में अगला कदम उठाया जाएगा।
यहां बता दें कि पिछले कुछ दिन पहले लाइब्रेरी के लिए चार-चार लाख रुपये की धनराशि आवंटित हुई थी। जिसमें युवाओं के बैठने के लिए फर्नीचर, कंप्यूटर, पुस्तकें आदि खरीदी गई थीं। सूत्र बताते हैं कि सही सामग्री खरीदी गई है या नहीं, इसकी जांच अधिकारी करेंगे।
