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अमरोहा: 4 साल की मूक-बधिर बच्ची से दरिंदगी करने वाले बंटी को उम्रकैद, कोर्ट ने 10 महीने में सुनाया फैसला

Published: Fri, 09 Oct 2026 09:28 PM (IST)

अमरोहा में अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पोक्सो एक्ट प्रथम की अदालत ने चार साल की मूक-बधिर बच्ची से दुष्कर्म के ...और पढ़ें

आरोपी बंटी

आरोपी बंटी

HighLights

  1. स्वजन को आता देख छोड़ कर भाग गया था बंटी

जागरण संवाददाता, अमरोहा। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पोक्सो एक्ट प्रथम की अदालत ने घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रही चार साल की मूक-बधिर बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले बंटी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत का यह फैसला घटना के 10 तो आरोप बनने के 8 महीना के भीतर आया है। अदालत ने इस घटना को समाज के साथ अवयस्क, विकृत चित्त बालिका के प्रति भी गंभीर अपराध करार दिया है।

अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे विशेष लोक अभियोजक नवीन कुमार त्यागी ने बताया कि यह घटना रहरा थाना क्षेत्र के गंगा किनारे स्थित गांव में नौ दिसंबर 2025 को दोपहर दोपहर बाद हुई थी।

यहां रहने वाला किसान पत्नी के साथ खेत पर काम करने गया था। जबकि उसके बड़े तीन बच्चे गांव में ही एक दावत में गए थे। घर पर केवल उनकी चार साल की मूक-बधिर बेटी ही थी।

बच्ची घर के बाहर मुहल्ले के बच्चों के साथ खेल रही थी। शाम को लगभग चार बजे गांव का ही बंटी वहां पहुंचा तथा बच्ची को टाफी दिखा कर उसके ही घर के भीतर ले गया था। जहां कमरे में उसने मासूम के साथ दुष्कर्म किया था।

शाम को लगभग पांच बजे माता-पिता बाइक से घर पहुंचे तो बाइक की आवाज सुनकर बंटी कमरे से निकल कर भाग गया था। मां ने कमरे में जाकर देखा तो बेटी फर्श पर लहूलुहान पड़ी थी।

स्वजन बंटी के घर भी पहुंचे, लेकिन वह घर भी नहीं मिला था। इस मामले में पुलिस ने मां की तहरीर पर बंटी के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर जेल भेज दिया गया। उसे जमानत नहीं मिली थी तथा वह जेल में ही बंद है।

नवीन कुमार त्यागी ने बताया कि विवेचक अतवीर सिंह चौहान ने 18 दिन बाद 50 पेज की चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जबकि नौ फरवरी को ट्रायल के लिए आरोप बनाए गए थे।

आठ लोगों की गवाही के बाद एफएसएल रिपोर्ट व पीडिता की मां के बयान अहम साक्ष्य बने। बच्ची की सहयोगी के लिए बाल कल्याण समिति की सदस्य कमलेश को तैनात किया गया था।

बताया कि अब इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पोक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में चल रही थी। गुरुवार को अदालत ने बंटी को दोषी करार दिया था। शुक्रवार को अदालत ने बंटी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

दो साल की उम्र में चली गई थी आवाज

किसान के परिवार में पत्नी, बड़ी बेटी, दो बेटे व सबसे छोटी बेटी पीड़िता है। जब वह दो साल की थी तो उसे बुखार आया था। जिसके बाद उसकी न सिर्फ आवाज चली गई थी बल्कि सुनने की क्षमता भी खत्म हो गई थी।

स्वजन ने काफी उपचार कराया था, लेकिन पीडिता की आवाज वापस नहीं लौट सकी थी। शुक्रवार को अदालत का फैसला आने के बाद स्वजन ने राहत की सांस ली है।

पिता का कहना है कि मासूम बेटी के साथ गलत कृत्य करने वाले को अदालत ने सजा दी है। भविष्य में किसी बेटी के साथ इस प्रकार की घटना न हो, इसके लिए सरकार को भी सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। बोले-पुलिस से लेकर अदालत तक उन्हें हर प्रकार का सहयोग मिला।

 

अभियुक्त द्वारा कारित अपराध गंभीर प्रकृति का है। जो समाज के साथ अवयस्क, विकृत चित्त चार वर्षीय बालिका के प्रति भी गंभीर अपराध है।

- अदालत की टिप्पणी


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