अमरोहा में ग्राम सचिव की ID हैक कर बनाए 1100 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, 17 राज्यों के लोगों के लिए तैयार किए सर्टिफिकेट
अमरोहा में सरकारी वेबसाइट की सुरक्षा में सेंध लगाकर ग्राम पंचायतों की आईडी हैक कर 1100 से अधिक फर्जी जन्म ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
ग्राम पंचायतों की आईडी हैक कर फर्जी प्रमाण पत्र बने।
अमरोहा में 1100 से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी।
17 राज्यों के लोगों के लिए बनाए गए सर्टिफिकेट।
जागरण संवाददाता, अमरोहा। सरकारी वेबसाइट की सुरक्षा में सेंध लगाकर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला फिर सामने आया है। अब चार ग्राम पंचायतों से जुड़े ग्राम सचिव राजीव कुमार की आइडी हैक कर 1,100 से अधिक फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किये गए। मंडी धनौरा में पांच अक्टूबर को हुए इस साइबर हमले का पता तब चला, जब स्वास्थ्य विभाग जिले भर की ग्राम पंचायतों की आइडी निष्क्रिय कर रहा था।
इससे पहले जोया ब्लाक की तोफापुर ग्राम पंचायत की आइडी हैक कर 498 फर्जी प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं।तोफापुर के ग्राम सचिव अमरजीत सिंह की आइडी हैक कर छह और सात अक्टूबर को उत्तर प्रदेश समेत 17 राज्यों के लोगों के 498 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए थे। 14 अक्टूबर को सचिव ने अपनी आइडी खोलकर जांच की तो फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ। इसके अलावा एहलेदादपुर और नन्हेड़ा अलियारपुर ग्राम पंचायतों की आइडी भी हैक मिलीं।
कैसे लगी भनक?
स्वास्थ्य विभाग ने सुरक्षा के लिहाज से जिले की ग्राम पंचायतों की आइडी निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू की। इसी दौरान मंडी धनौरा में मुसल्लेपुर के ग्राम सचिव राजीव कुमार की आइडी से भी कई फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी होने का पता चला। राजीव कुमार के पास मुसल्लेपुर के साथ मोहम्मद पट्टी, सैदपुर और बाखरपुर ग्राम पंचायतों का भी प्रभार है।
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चारों पंचायतों में कुल 1,100 से अधिक फर्जी प्रमाण पत्र जारी किए जाने का मामला सामने आया। ये फर्जीवाड़ा जोया प्रकरण से पहले हुआ था। एडीओ पंचायत योगेंद्र सिंह ने बताया कि मुसल्लेपुर के मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। सीएमओ डा. रमाकांत सागर ने बताया कि रिपोर्ट शासन को भेजने के साथ जिले की सभी 576 ग्राम पंचायतों, नौ निकायों और सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की आइडी निष्क्रिय कर दी गई हैं।
