गजरौला : खादर क्षेत्र के गांवों में शराब का अवैध धंधा नहीं रुका तो यहां पर भी पंजाब जैसे हालात कभी भी हो सकते हैं। चूंकि अवैध शराब बनाने व बेचने का धंधा खादर में बड़े पैमाने पर होता है।

पंजाब के जिला तरनतारन, बटाला व अमृतसर में एक ही दिन में 42 लोगों की शराब के सेवन से मौत हुई है। ऐसे ही गजरौला, बछरायूं व मंडी धनौरा क्षेत्र में खादर के अधिकांश गांवों में अवैध शराब का धंधा होता है। महिला-पुरुष इस धंधे में लिप्त हैं। जल्दी ही बड़े स्तर पर कार्रवाई कर धंधा को बंद नहीं कराया तो यहां पर भी ऐसे कांड होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।

एल्कोहल, धातु और यूरिया से बनती है शराब

गजरौला : खादर में दहकने वाली भटिठयों में जो शराब बनती है। उससे मिश्रित करने वाले पदार्थ कहां मिलते हैं। यह भी एक बड़ा सवाल है। चूंकि शराब बनाने में जिन वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है वे जहरीली होती हैं। सूत्रों के मुताबिक 40 किलो गुड़ में करीब 90 किलो पानी डालकर उसे एक सप्ताह के लिए जमीन में दबाया जाता है। तैयार होने वाले इसे भट्ठी पर चढ़ाकर शराब तैयार की जाती है। नशे की तीव्रता बढ़ाने के लिए इसमें एल्कोहल, धतुरा, व यूरिया खाद का इस्तेमाल किया जाता है। शासन हुआ सख्त, शराब से हुई मौत तो अफसरों पर गिरेगी गाज

गजरौला : पंजाब में अवैध शराब से मौतें होने के बाद प्रदेश सरकार भी सख्त हो गया। आदेश जारी कर क्षेत्रों में अवैध शराब के खिलाफ अभियान चलाकर धंधा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए कहा है। इतना ही नहीं शराब से मौत होने पर अफसरों पर गाज की चेतावनी दी है। जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र ने शासनादेश की पुष्टि करते हुए बताया कि टीम गठित कर अवैध शराब के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। जबकि अपने यहां पूर्व से ही अभियान चलाया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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