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सरकारें बदलीं, नेता बदले पर नहीं बदली किस्मत! 23 गांवों के 40 हजार लोग 29 साल से 10 की जगह लगा रहे 90 किमी का चक्कर

Published: Mon, 19 Oct 2026 10:21 PM (IST)

संभल जिले की नेकपुर न्याय पंचायत के 23 गांव 29 साल से अमरोहा में शामिल होने की मांग कर रहे ...और पढ़ें

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HighLights

  1. अब सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर ने मसले के निराकरण का दिलाया भरोसा

जागरण संवाददाता, अमरोहा। सम्भल जिले में शामिल नेकपुर मुख्तियारपुर न्याय पंचायत से 23 गांव जुड़े हैं। इनकी आबादी करीब 40 हजार है जबकि, मतदाताओं की संख्या 26 हजार है। यहां के लोगों की उम्मीदें करीब 29 साल से सियासतदाओं के भरोसे हैं। सरकारें बदलती गईं और ग्रामीण आवाज बुलंद करते रहे लेकिन, अभी तक ये गांव अमरोहा जनपद में शामिल नहीं हो पाए हैं।

वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव का ग्रामीणों ने विरोध किया तो नेता और प्रशासन गांव में पहुंच गया। आश्वासन मिला कि सरकार के समक्ष मसले को रखा जाएगा लेकिन, कोई फैसला नहीं हो पाया।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को भी ज्ञापन देकर समस्या के समाधान की मांग की गई। अब सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर ने मसले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखकर निराकरण का भरोसा दिलाया है। इससे उनमें फिर से उत्साह बना है और उम्मीद की नई किरण नजर आई है।

वर्ष 1997 से पहले नेकपुर मुख्तियारपुर न्याय पंचायत मुरादाबाद जिले में शामिल थी। वर्ष 1997 में मुरादाबाद से काटकर अमरोहा को जिला बनाया गया।

इसके बाद से ही नेकपुर न्याय पंचायत से जुड़े 23 गांवाें के लोगों ने उसको अमरोहा में शामिल कराने की मांग उठानी शुरू कर दी। अधिकारियों को ज्ञापन दिए परन्तु कोई निष्कर्ष नहीं निकला।

वर्ष 2011 में जनपद सम्भल के बनने पर इस मांग को ग्रामीणों ने और तेज कर दिया। क्योंकि, इस न्याय पंचायत की अमरोहा से महज 10 किलोमीटर की दूरी है जबकि, बहजोई करीब 90 किलोमीटर पड़ता है।

यहां 25 रुपये किराए में लोग आ जाते हैं जबकि, बहजोई पहुंचने में करीब 100 रुपये किराए में ही खर्च हो जाते हैं। इस मांग को तेज करने के लिए जनसंघर्ष समिति का गठन किया गया। समिति लगातार आंदोलन कर रही है।

बसपा, सपा व भाजपा नेताओं को दिए ज्ञापन और की मांग

समिति सदस्य हरिराज सिंह, सरदार तेज सिंह, लोटन सिंह, राजेंद्र सिंह, सुनील चौधरी, सर्वेश चौधरी, विवेक शर्मा, सरदार महेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह ने बताया कि बसपा सरकार में राज्यसभा सदस्य वीर सिंह एडवोकेट, सपा सरकार में मंत्री महबूब अली को भी ज्ञापन दिए गए, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

सबने आश्वासन दिए किन्तु पूरे नहीं किए। भाजपा सरकार बनी तो मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, शिक्षक विधायक डा.हरि सिंह ढिल्लो, एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त से भी मांग की गई।

उनके द्वारा भी भरोसा दिलाया गया। शिक्षक विधायक ने मामला विधान परिषद में भी उठाया लेकिन, निराकरण आज तक नहीं हुआ। मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजे गए।

डीएम से लेकर मंडलायुक्त तक से मांग की गई लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी है। पिछले सप्ताह सांसद चौधरी कंवर सिंह तंवर ने पंचायत के दौरान मुख्यमंत्री से बातचीत करने का आश्वासन दिलाया है। अब देखते हैं क्या रहेगा।

यह 23 गांव जुड़े हैं नेकपुर न्याय पंचायत में

अखबन्दपुर काफूरपुर, सैमली, उमरपुर गोंहननगर, नेकपुर मुजफ्फरपुर, हाजिपुर उर्फ हैदरपुर, मंछरिया, भवालपुर बांसली, धामपुर, सैदपुर गंगू, ढकिया, बाबूखेड़ा, दुल्हापुर बन्द उर्फ दारापुर, नन्दपुर बीटा, राजीखेड़ा, चकिया, सलमपुर सलार उर्फ हाजीपुर, शेखपुर खालसा, गालवपुर, सलारपुर खुर्द, गंगादासपुर, दरियापुर बन्द, बिहुनी (गैर आबाद), रायपुर खुर्द (गैर आबाद) गांव हैं। जो, शामिल में होने की बाट जाेह रहे हैं।

 

नेकपुर न्याय पंचायत को अमरोहा में शामिल कराए जाने का मामला संज्ञान में नहीं है। अभी मेरे सामने इस संबंध मे कोई मांग पत्र नहीं आया है। यदि ऐसा मामला है तो प्रक्रिया के तहत क्षेत्र के लोगों की मांग को शासन स्तर तक भेजा जाएगा।

- डाॅ. नितिन गौड़, डीएम।


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