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यूपी के 22 हजार किसानों को सौगात, अब बिना फार्मर रजिस्ट्री के भी बेंच सकेंगे गेहूं, चकबंदी वाले गांवों को राहत

Published: Fri, 17 Apr 2026 03:13 PM (IST)

अमेठी में चकबंदी वाले 22 हजार से अधिक किसानों को बड़ी राहत मिली है। अब वे बिना फार्मर रजिस्ट्री के ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, अमेठी। गेहूं की सरकारी खरीद में फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। नए नियम के तहत चकबंदी प्रक्रिया से गुजर रहे गांवों के किसानों की दिक्कतें बढ़ गई थी, जिन्हें अब बड़ी राहत मिली है। यहां के किसान अब बिना फार्मर रजिस्ट्री के पुरानी प्रक्रिया के तहत अपनी उपज सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

जिले की 47 ग्राम पंचायतें जैसे मंगौली, बनभरिया, सिंदुरवा, कोयलारा मुबारकपुर, महोना पूरब, रसूलपुर आदि में चकबंदी प्रक्रिया चल रही है। इन गांवों में 22 हजार से अधिक किसान हैं। चकबंदी के चलते इन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पा रही थी।

औने-पौने दामों में बेचने को मजबूर थे किसान

इस कारण यह अपनी उपज सरकारी क्रय केंद्रों पर नहीं ले जा पा रहे थे, जिससे उन्हें औने-पौने दामों में अपनी उपज आढ़तियों के यहां बेचने को मजबूर थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन की ओर से चकबंदी प्रक्रिया में शामिल गांव के किसानों को बड़ी राहत प्रदान की गई है। अब चकबंदी गांवों के किसान अपनी उपज बिना फार्मर रजिस्ट्री के पुरानी प्रक्रिया के तहत सरकारी क्रय केंद्रों पर बेच सकेंगे।

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जिले में गेहूं खरीद के लिए कुल 106 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें विपणन शाखा के 38, पीएसएफ के 20, पीसीयू के 20, यूपीएसएस के 17, भारतीय खाद्य निगम के चार, नैफेड के पांच तथा मंडी समिति के दो क्रय केंद्र शामिल हैं, जहां पर 2585 रुपये की दर से किसानों की उपज की खरीद की जा रही है। इसके साथ ही गेहूं बेचने के लिए 4850 से अधिक किसानों ने पंजीकरण भी करा लिया है।


जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी है वह आगामी 30 अप्रैल तक अवश्य बनवा लें। अन्यथा उन्हें खाद, बीज के साथ ही सरकार की लाभकारी योजनाओं से वंचित होना पड़ सकता है। -सतेंद्र कुमार, उपकृषि निदेशक।

चकबंदी गांव के किसानों लिए राहत है। अब अन्नदाता आसानी से अपनी उपज क्रय केंद्रों पर बेंच सकेंगे। इसके अतिरिक्त जो किसान चकबंदी में नहीं हैं उनकी गेहूं खरीद फार्मर रजिस्ट्री के आधार पर ही की जाएगी। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं बनी है, वे जल्द से जल्द बनवा लें, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना न करना पड़े। -श्रीकृष्ण, आरएफसी, अयोध्या