अमेठी : कोविड महामारी से अनाथ हुए बच्चों के भरण-पोषण, शिक्षा, स्वास्थ्य व देखभाल के लिए संचालित सरकार की बाल सेवा योजना का शुभारंभ गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन लखनऊ से वर्चुअल किया, जिसका सजीव प्रसारण कलक्ट्रेट सभागार में मौजूद राज्यमंत्री सुरेश पासी, विधायक तिलोई मयंकेश्वर शरण सिंह, जिलाधिकारी अरुण कुमार, अपर जिलाधिकारी न्यायिक सुधीर रुंगटा सहित लाभार्थी व जन सामान्य ने देखा सुना। कार्यक्रम के बाद जिले में चिह्नित पात्र 27 बच्चे जो कोविड-19 महामारी से अनाथ हुए हैं। उनको राज्यमंत्री, विधायक व जिलाधिकारी ने प्रमाण पत्र वितरित किया।

राज्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण अनाथ हुए ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता दोनों अथवा माता या पिता में से किसी एक की मृत्यु हो गई हो ऐसे बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा, चिकित्सा आदि की व्यवस्था के लिए आर्थिक सहयोग प्रदान किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री द्वारा बाल सेवा योजना का शुभारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि 0 से 18 वर्ष की उम्र तक के सभी बच्चों को इस योजना में शामिल किया गया है। जिन्होंने कोविड-19 महामारी के कारण अपने माता पिता में से आय अर्जित करने वाले अभिभावक को खो दिया हो। इसके साथ ही कोरोना से निराश्रित हुए बच्चों के भरण पोषण, शिक्षा और सुरक्षा के लिए बाल देखरेख करने वाली सरकारी संस्थाओं में आवास, चल अचल संपत्तियों की कानूनी सुरक्षा, बेटियों के विवाह के लिए एक लाख दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता, कस्तूरबा गांधी बालिका, अटल आवासीय विद्यालयों में निश्शुल्क शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा में अध्ययनरत छात्रों के लिए लैपटॉप टेबलेट आदि की व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि इस योजना के तहत जिले में अब तक 27 पात्र बच्चे चिह्नित किए गए हैं। जिन्हें प्रमाण पत्र दिया गया। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी से निराश्रित हुए ऐसे सभी बच्चों को चिह्नित कर उन्हें इस योजना से लाभान्वित किया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रमेश सिंह ने किया। इस दौरान जिला विकास अधिकारी प्रदीप कुमार पांडे, बाल संरक्षण अधिकारी अजय यादव सहित लाभार्थीगण व अन्य संबंधित मौजूद रहे।