अमेठी: विकास का ढिढोरा पीटने वाले जनप्रतिनिधि असल मुद्दे सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास जैसे बुनियादी ढांचे पर जोर न देकर एक दूसरे के ऊपर दोषारोपण में ही कार्यकाल गुजार देते हैं। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। बानगी के तौर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बीस साल बाद भी एक अदद मार्ग तक नहीं है। जब कि इस दौरान चार लोकसभा चुनाव व इतने ही विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुके हैं। जन प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे को कई बार चुनाव के समय भी उठाया, लेकिन समय बीतने के साथ ही मुद्दा गौड़ हो गया।अस्पताल मार्ग निर्माण के लिए तत्कालीन सांसद राहुल गांधी व स्थानीय विधायक राकेश सिंह से क्षेत्रीय लोगों ने लगातार मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बीते साल प्रमुख सचिव स्वास्थ्य के दौरे पर भी अस्पताल परिसर में सड़क निर्माण की मांग प्रमुखता से की गई। पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामलखन शुक्ला, हनुमान जयसवाल, पूर्व प्रधान ओमप्रकाश मिश्र, पूर्व प्रमुख अरूणा सिंह ने सड़क निर्माण की मांग की है।

- चिकित्सक समेत दर्जन भर लोग हो चुके हैं घायल

छह माह के भीतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात एक चिकित्सक व आधा दर्जन तीमारदार उबड़खाबड़ मार्ग पर चोटहिल हो चुके हैं।

बीते दो जून को एक बाइक सवार अपनी 60 वर्षीय माता को अस्पताल से घर लेकर जा रहा था कि कीचड़ में बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई। दोनों चोटहिल हो गए। आठ जून को स्वास्थ्य कर्मी व उनकी पत्नी दोनों कीचड़ में फिसलने से जख्मी हो गए। इस बाबत एसडीएम सुनील कुमार त्रिवेदी ने बताया कि अस्पताल में सड़क निर्माण की कोई जानकारी उनके पास नहीं आई है।

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