दिलीप सिंह, अमेठी : देश की सियासत में ऊंचा मुकाम रखने वाली अमेठी को जिला का दर्जा मिले 11 साल पूरे होने को हैं। लंबे सफर व बड़े इंतजार के बाद ही सही जिलाधिकारी की मजबूत इच्छा शक्ति के बलबूते लाकडाउन के बीच बड़ा काम हो गया है। आने वाले एक सप्ताह में जिलाधिकारी अपने नए आवास में प्रवेश कर जाएंगे। इसी के साथ आने वाले दो माह में कलेक्ट्रेट भी गौरीगंज तहसील से अपने स्थाई भवन में पहुंच जाएगी। निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट के निर्माण की रफ्तार तेज हो गई है। गरिमामय अतीत और सुनहरे भविष्य की भूमि अमेठी सियासत के रंग में सराबोर होकर विकास की राह पर तेजी से बढ़ चली है। एक जुलाई 2010 को अमेठी जिले का दर्जा मिला। इसके साथ ही यहां विकास की एक नई उम्मीद जगी। जो अब धीरे-धीरे ही सही पूरी होती दिख रही है।

- चार साल में बनकर तैयार हुआ डीएम आवास

चार साल में डीएम आवास बनकर तैयार हो गया है। दो माह में कलेक्ट्रेट के भी पूरा होने की उम्मीद है। कलेक्ट्रेट व डीएम आवास के लिए जगदीशपुर रोड़ पर कुल 36.152 हेक्टेयर भूमि ली गई है। जिसमें से 24.843 हेक्टेयर में जिलाधिकारी कार्यालय व आवास का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्ट्रेट का निर्माण 31 मार्च 2016 में शुरू हुआ और 31 मई 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया। निर्माण पर उस समय 10 करोड़ 40 लाख 94 हजार खर्च होने की बात थी। जिसके सापेक्ष नौ करोड़ 88 लाख रुपये मिले थे। 23 सितंबर 2020 को 17 करोड़ 38 लाख 32 हजार रुपये का पुनरीक्षित आगणन शासन को भेजा गया है। जिलाधिकारी आवास का निर्माण कार्य 14 अगस्त 2017 को शुरू हुआ और 31 मई 2019 को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया पर निर्माण अब जाकर पूरा हुआ है।

- आवास बनकर तैयार, जल्द होंगे सिफ्ट

-जिले के विकास को हर स्तर पर रफ्तार देने की कोशिश हो रही है। डीएम आवास बनकर तैयार हो गया है। जल्द ही हम उसमें सिफ्ट होने वाले हैं। दो माह के अंदर हमारा प्रयास है कि कलेक्ट्रेट भी अपने स्थाई भवन में चलने लगे।

अरुण कुमार डीएम, अमेठी

Edited By: Jagran