अमेठी : भारत बंद का समर्थन करने के लिए जिले के किसान भी आगे आए। विभिन्न संगठनों के आधा दर्जन से अधिक किसान जिला मुख्यालय रेलवे स्टेशन परिसर में एकत्रित हुए। किसानों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने का प्रयास किया। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद उपजिलाधिकारी गौरीगंज संजीव कुमार मौर्य व सीओ संतोष सिंह ने किसानों को आगे बढ़ने नहीं दिया। जिससे किसान दो घंटे तक रेलवे परिसर में ही सरकार व प्रशासन के विरोध में नारेबाजी की।

भारतीय राष्ट्रीय किसान यूनियन भानु गुट अध्यक्ष शिव कुमार पांडेय ने कहा कि केंद्र सरकार पूंजीपतियों व उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है। किसानों के साथ यह अन्याय बिल्कुल क्षम्य नहीं होगा। अपने हक लिए किसी भी स्तर की लड़ाई लड़ने को तैयार है। किसान दुर्गाशंकर मिश्र ने कहा कि हम लोग धूप, बरसात, सर्दी व गर्मी में कड़ी मेहनत करके फसल को उगाते है। कितु उसका मूल्य सरकार व उद्योग पति तय करते है। उन्होंने सरकार का विरोध करते हुए एमएसपी पर फसल खरीदने की गारंटी देने की मांग की। जनकल्याण समिति की अध्यक्ष रीता सिंह अपने सैकड़ों समर्थकों संग कांग्रेस कार्यालय से लेकर श्री हनुमान तिराहा, एसपी कार्यालय, डीएम आवास, ब्लाक गेट पर पहुंच एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसान मजदूर कल्याण मंच, उप्र किसान सभा, किसान क्रांति दल आदि संगठनों ने भारत बंद का समर्थन किया।

-पुलिस की धक्का मुक्की में चोटिल हुई महिला

रेलवे स्टेशन पर भारत बंद के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों में महिला किसानों की भी संख्या रही। महिलाओं ने जैसे ही रेलवे स्टेशन से कलेक्ट्रेट की तरफ आगे बढ़ी। वैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। न रुकने पर महिलाओं के साथ पुलिस ने धक्का-मुक्की शुरू कर दी। जिसमें दक्खिन गांव निवासी प्रभावती जमीन में गिर कर चोटिल हो गई। साथी महिलाओं ने उनका प्राथमिक उपचार कराया।

-किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने बनाई मानव श्रृंखला

रेलवे स्टेशन पर एकत्रित किसान शहर की सड़कों पर प्रदर्शन करने की बात पर अड़े रहे। बड़ी संख्या में उपस्थित किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। जिसके बाद सीओ व एसडीएम से किसानों की घंटों तक नोंकझोंक हुई।

-सड़क पर उतरी कांग्रेस व आम आदमी पार्टी

मंगलवार को कांग्रेसियों ने सड़क पर उतर भारत बंद का समर्थन किया। कांग्रेस उपाध्यक्ष शत्रुघ्न सिंह ने कहा कि यह काला कानून देश को गुलामी की तरफ ले जाएगा। अगर ऐसा ही रहा तो किसानों की स्थिति और बदतर हो जाएगी। प्रवक्ता डा.अरविद चतुर्वेदी ने कहा कि किसानों की आवाज को तानाशाही तरीके से कुचलने का काम केंद्र सरकार द्वारा किया जा रहा है। यह अन्याय देश की जनता नहीं सहेगी। इस मौके पर सेवादल जिलाध्यक्ष रामबरन कश्यप, किसान कांग्रेस प्रदेश सचिव डा.राम मिलन पथिक, शबीना बानो, अभय दत्त चौबे, मो.रऊफ, मनोज कश्यप, अच्छेलाल सिंह, राम लोचन यादव समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे। आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष शिवप्रसाद कश्यप ने भी किसानों के समर्थन में प्रदर्शन किया।

-किसानों का समर्थन तो नहीं, जिला प्रशासन के आदेश का किया उल्लंघन

कृषि बिल को वापस लेने की मांग को लेकर किसानों ने आठ दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया था। ऐलान के बाद राजनैतिक पार्टियां किसानों का समर्थन कर रही थी। तो वहीं जिला मुख्यालय गौरीगंज के व्यापारी मंगलवार की साप्ताहिक बंदी में भी दुकान खोलकर जिला प्रशासन के आदेश का उल्लंघन करते दिखे। मजे की बात यह रही कि यह सब जिला प्रशासन की जानकारी में था। हालाकि कुछ दुकानों के शटर गिरे रहे।

-एडीएम व एएसपी ने लिया ज्ञापन

प्रदर्शनकारी किसानों का राष्ट्रपति संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी वंदिता श्रीवास्तव व अपर पुलिस अधीक्षक दयाराम सरोज ने मौके पर पहुंच कर लिया।

Edited By: Jagran