अमेठी : निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट के अनावासीय भवनों का जिलाधिकारी अरुण कुमार ने स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण की गुणवत्ता का जायजा लिया एवं निर्माण में प्रयुक्त हो रही सामग्री की गुणवत्ता को परखा। निर्माण की धीमी प्रगति पर कार्यदायी संस्था को कड़ी फटकार लगाई और निर्माण में श्रमिकों की संख्या बढ़ाते हुए शीघ्र निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिला मुख्यालय पर 17.77 करोड़ की लागत से कलेक्ट्रेट के अनावासीय भवनों का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ निर्माण प्रखंड अयोध्या द्वितीय द्वारा कराया जा रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि मार्च 2021 में शासन द्वारा धनराशि आवंटित होने तथा अपर जिलाधिकारी द्वारा प्रत्येक सप्ताह निर्माण का निरीक्षण किए जाने के उपरांत भी निर्माण की प्रगति में सुधार नहीं हुआ है। जो बहुत ही गलत बात है। वहीं निरीक्षण के दौरान कैंटीन निर्माण में प्रयोग की जा रही सरिया निर्धारित मानक के अनुसार न मिलने पर जिलाधिकारी ने तत्काल निर्माण कार्य रोकने तथा निर्माण में प्रयोग की गई सरिया को बदलने के निर्देश दिए। साथ ही साइड जूनियर इंजीनियर सत्य प्रकाश को कड़ी फटकार लगाई। ठेकेदार को निर्माण कार्य गंभीरतापूर्वक करने के निर्देश देते हुए कहाकि मानक के अनुरूप काम नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता लोनिवि को निर्माण में प्रयोग की जा रही सामग्री यथा ईंट, सरिया, मोरंग, गिट्टी, सीमेंट, प्लास्टर इत्यादि सामग्रियों का सैंपल लेकर जांच करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने 30 सितंबर तक कलेक्ट्रेट के ए ब्लाक का निर्माण पूर्ण करने की बात कही।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुशील प्रताप सिंह को प्रत्येक सप्ताह निर्माणाधीन कलेक्ट्रेट के अनावासीय भवनों के निर्माण प्रगति का निरीक्षण करने के निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता लोनिवि, संबंधित कार्यदायी संस्था के अधिशासी अभियंता अशोक त्रिपाठी, सहायक अभियंता अजय कुमार सहित अन्य संबंधित मौजूद रहे।

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