अमेठी (जेएनएन)। गत विधानसभा के बाद नगरीय निकाय चुनाव में भी निराशाजनक प्रदर्शन से घबराई कांग्रेस अपने पुश्तैनी सियासी किले अमेठी और रायबरेली को बचाने के लिए आमजन से संपर्क संवाद को बढ़ावा देगी। राहुल गांधी के दो दिवसीय दौरे में उन क्षेत्रों तक पहुंचने की कोशिश की गई जहां अमूमन सीधा संपर्क नहीं होता था। क्षेत्रवासियों से रूबरू होने के साथ उनकी समस्याओं को लेकर आक्रामक ढंग से संघर्ष की रणनीति भी अपनाई जाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र में पहुंचे राहुल गांधी का जगह-जगह स्वागत कराने को इसी नजरिए से देखा जा रहा है।

गौरीबाजार में फल का ठेला लगाने वाले हरीश चंद चौरसिया का कहना है कि क्षेत्र के आम लोगों को गांधी परिवार खासतौर से राहुल गांधी से यह शिकायत रही है कि वो चंद नेताओं से घिरे रहते हैं जबकि उनके पिता राजीव गांधी व चाचा संजय गांधी का जुड़ाव जनसामान्य से भी सहज रहता था। जिस चौक बाजार में राहुल गांधी के स्वागत की तैयारी थी वहां राजीव गांधी का अभूतपूर्व अभिनंदन किया गया था तबसे किसी सांसद ने उस ओर रुख नहीं किया। चौरसिया के आरोपों को सही बताते हुए 74 वर्षीय रामनारायण त्रिवेदी का कहना है कि सांसद और जनता के बीच फासला बढ़ जाने के कारण ही विपक्ष को पैर पसारने का मौका मिला। 

 

भाजपा की खामियां भी गिनाएंगे  

क्षेत्र में संवाद संपर्क बढ़ाने के साथ कांग्रेसियों को भाजपा सरकारों की खामियां जनता के बीच में पहुंचाने को कहा गया है। आक्रामक ढंग से विपक्ष के आरोपों का उत्तर देने व अपना पक्ष प्रस्तुत करने की हिदायत भी दी गई है। पूर्व महामंत्री शैलेश सिंह का कहना है कि केंद्र और प्रदेश में भाजपा सरकारें होना भी कांग्रेस के हमले का हथियार होगा। उन्होंने कहा कि पिछले 27 वर्ष से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार न होने से अमेठी व रायबरेली का विकास ठप पड़ा है। अब जब केंद्र व प्रदेश में भाजपा की सरकार है तो विकास के मुद्दे पर कांग्रेस बचाव नहीं आक्रामक होकर जवाब देगी। 

Posted By: Nawal Mishra

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप