चौकीदार की बेटी ने रोशन किया नाम, गांव की गलियों से निकली और राष्ट्रीय स्तर पर लगा दी पदकों की झड़ी
आयशा मिश्रा ने सीमित संसाधनों के बावजूद लंबी कूद और अन्य खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते हैं।

आयशा मिश्रा
HighLights
चौकीदार की बेटी आयशा ने राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते।
सीमित संसाधनों में गांव की मिट्टी पर अभ्यास कर बनी चैंपियन।
अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का नाम रोशन करने का लक्ष्य।
ओम प्रकाश तिवारी, अमेठी। भागीपुर गांव की पहचान अब लंबी कूद में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहीं बेटी आयशा मिश्रा से होने लगी है। गांव की मिट्टी में अभ्यास कर प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक कई पदक जीत चुकीं आयशा अब अंतरराष्ट्रीय फलक पर तिरंगा लहराने के लिए पसीना बहा रही हैं। लंबी कूद के साथ दौड़, त्रिकूद, रिले रेस और कबड्डी में भी उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
चौकीदार सदाशिव मिश्र की बेटी आयशा ने सीमित संसाधनों के बीच खेल की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। गांव में ही अभ्यास के लिए ट्रैक तैयार कर उन्होंने अपने सपनों को उड़ान दी। कठिन परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने एक के बाद एक सफलता हासिल की। आज वह क्षेत्र की युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई हैं।
13 वर्ष की उम्र में शुरू किया सफर
आयशा के पिता सदाशिव मिश्र मुंबई की एक कंपनी में चौकीदार हैं, जबकि मां मीरा मिश्रा गृहिणी हैं। महज 13 वर्ष की उम्र में आयशा ने गांव में ही ट्रैक बनाकर लंबी कूद और दौड़ का अभ्यास शुरू किया। संसाधनों का अभाव उनके हौसले के आगे कभी बाधा नहीं बना। लगन और मेहनत के बल पर वह लगातार सफलता की सीढ़ियां चढ़ती गईं।
खेल कोटे से पीएचडी के लिए चयन
आयशा ने जनता इंटर कालेज रामगंज से हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी कर बीपीएड का प्रशिक्षण प्राप्त किया। खेल कोटे के तहत उनका चयन प्रयागराज विश्वविद्यालय में एथलेटिक्स विषय में पीएचडी के लिए हुआ है।
पदकों से भरी है आयशा की झोली
- 2010: शिक्षा निदेशालय की प्रदेशीय प्रतियोगिता में सब-जूनियर लंबी कूद और 400 मीटर रिले रेस में प्रथम स्थान, अयोध्या
- 2011: 56वीं नेशनल एथलेटिक्स प्रतियोगिता, पुणे (महाराष्ट्र) में लंबी कूद में प्रथम
- 2011: पांचवीं नेशनल इंटर स्कूल प्रतियोगिता, छत्तीसगढ़ में लंबी कूद में प्रथम
- 2012: चौथे नेशनल लेवल एथलेटिक्स टूर्नामेंट, केरल में लंबी कूद में प्रथम
- 2014: 48वीं यूपी स्टेट एनुअल एथलेटिक्स चैंपियनशिप, गाजियाबाद में लंबी कूद में स्वर्ण पदक
- 2014: प्रांतीय रक्षक दल एवं युवा कल्याण विभाग की राज्यस्तरीय प्रतियोगिता, अयोध्या में 100 मीटर दौड़ में प्रथम
- 2019: डा. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या की अंतर्विश्वविद्यालयीय कबड्डी प्रतियोगिता में प्रथम
- 2019: तीसरी नेशनल यूथ चैंपियनशिप, हरिद्वार में लंबी कूद में स्वर्ण पदक
अब लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय पदक
गांव से शुरू हुआ आयशा का सफर अब अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की तैयारी में है। वह लगातार अभ्यास कर अपनी रफ्तार और तकनीक को और धार देने में जुटी हैं। उनका सपना अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतकर गांव, जिले और प्रदेश का नाम रोशन करना है।
