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पूर्वांचल के औद्योगिक विकास को पंख, बेवाना और कटका में 500 करोड़ से सजेंगी फ्लैटेड फैक्ट्रियां व लॉजिस्टिक्स जोन

Published: Sat, 17 Oct 2026 05:43 PM (IST)

अंबेडकरनगर में पूर्वांचल और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के पास कटका व बेवाना में पांच अरब रुपये से अधिक की लागत ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. कटका-बेवाना में पांच अरब से अधिक के औद्योगिक गलियारे बनेंगे।

  2. यूपीडा ने औद्योगिक विकास के लिए प्रस्ताव योजना विभाग को भेजा।

  3. निवेश आकर्षित कर यूपी को विनिर्माण हब बनाने का लक्ष्य।

अरविंद सिंह, अंबेडकरनगर। इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लाजिस्टिक्स क्लस्टर्स (आइएमएलसीएस) के तहत पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निकट बेवाना और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर कटका में औद्योगिक गलियारों का विकास पांच अरब रुपये से अधिक की लागत से होगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने प्रस्ताव बनाकर योजना विभाग को भेजा था।

कटका में अटल इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत अवस्थापना विकास के लिए 222 करोड़ 71 लाख 44 हजार रुपये स्वीकृत हुए हैं। बेवाना में औद्योगिक क्षेत्र की अवस्थापना के लिए 284 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये की स्वीकृति मिली है। इन दोनों क्षेत्रों के विकास के लिए एमएलसी डॉ. हरिओम पांडेय ने बीते अप्रैल में मुख्यमंत्री को पत्र दिया था।

जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर अकबरपुर तहसील में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के 161.100 किलोमीटर पर बेवाना, जगदीशपुर मुस्लिमपट्टी और खानजहांपुर गांवों में 570 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की गई है। यहां उद्योग स्थापना के लिए भूमि आवंटन दर 4950 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रस्तावित है। जलालपुर तहसील में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर अजमलपुर, नूरपुर कला और गौरा बड़ाह गांवों में 361 एकड़ भूमि प्रस्तावित है तथा 146.48 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत है। यहां आवंटन दर 4800 रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रस्तावित है।

औद्योगिक गलियारों में उद्योगों के लिए तैयार बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि निवेश प्रक्रिया तेज हो, रसद लागत घटे और उत्तर प्रदेश विनिर्माण हब बन सके। योजना में समतल औद्योगिक भूखंड, फ्लैटेड फैक्ट्रियां और वेयरहाउसिंग जोन विकसित किए जाएंगे। भारी वाहनों के आवागमन के लिए चौड़ी आंतरिक सड़कें और सर्विस लेन बनेंगी। उद्योगों को 24 घंटे बिजली देने के लिए समर्पित पावर सब-स्टेशन स्थापित होंगे। जलापूर्ति, जलनिकासी, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और सामान्य अपशिष्ट उपचार संयंत्र भी बनाए जाएंगे।

उच्च गति इंटरनेट और सूचना-संचार तकनीक के लिए आप्टिकल फाइबर नेटवर्क बिछेगा। प्रशासनिक भवन, सामान्य सुविधा केंद्र, कौशल विकास केंद्र तथा रोजगार एवं उद्यमिता सहायता केंद्र भी बनाए जाएंगे। आपात स्थितियों से निपटने के लिए फायर स्टेशन, स्ट्रीट लाइट और पर्याप्त हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। अपर जिलाधिकारी भू-अध्याप्ति अयोध्या कौशल किशोर का कहना है कि योजना विभाग से कोई पत्र नहीं मिला है। यूपीडा द्वारा सीधे एमएलसी को जानकारी दी गई होगी।

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