अंबेडकरनगर : जिला मुख्यालय का हृदयस्थल शहजादपुर गत एक सप्ताह से बाढ़ की तबाही झेल रहा है। व्यापारी बर्बाद हो चुके और जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। भीटी तहसील के गांवों समेत जलालपुर तहसील का गांव व नगर तमसा नदी का रौद्ररूप से त्रस्त है। बाढ़ का पानी घटने के बजाए अभी भी बढ़ रहा है। इससे मुसीबत अभी कम होती नहीं दिख रही है। व्यापारियों की दुकानों में बाढ़ का पानी अभी भरा है। इससे करोड़ों रुपये का सामान बर्बाद होना तय है। किसानों की भी करोड़ रुपये की फसल नष्ट हो गई। गरीबों को बाढ़ बेघर कर चुकी है। फिलहाल बाढ़ में फंसे लोगों को राहत सामाग्री देने में तहसील प्रशासन लगे हैं। नगरीय निकाय के कर्मी बाढ़ से घिरी आबादी से लोगों को नाव के सहारे निकाल रहे हैं। अकबरपुर तहसील की कई कालोनियों व आबादी से लोग अपना सब कुछ छोड़ घर में ताला लगाकर पलायन कर चुके हैं। हालांकि इन्हें सामान सड़ने की चिता सता रही है।

राहत और बचाव जारी : बाढ़ से लोगों को खाने और रहने के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। नदी का पानी इस कदर बढ़ रहा है कि रविवार चौथे दिन भी हाइवे से पानी नहीं उतरा। नगर के मार्गों एवं गलियों में जलभराव होने से आवागमन ठप है। नगरपालिका अध्यक्ष ने नाव से बाढ़ प्रभावित लोगों को निकाल कर आश्रय स्थल और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया है। सांसद रितेश पांडेय ने बाढ़ प्रभावित स्थानों पर नाव से पहुंचकर लोगों का हालचाल जाना। राशन, बिस्कुट दवाएं आदि का वितरण किया।

ग्रामीणांचल में हालात बदतर : भीटी, जलालपुर और अकबरपुर तहसील के ग्रामीणांचल में तमसा, मझुई और बिसुही नदियों की बाढ़ से किसान बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। मार्गों पर पानी भरने से महिलाएं व बच्चे घरों में कैद हैं। पशुओं के चारे एवं चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी का इंतजाम करना कठिन हो गया है। रोजमर्रा की जरूरत को पूरा करने के लिए लोग जान जोखिम में डालकर बाढ़ के पानी से गुजर रहे हैं। फसलों को तबाह होता देखकर किसानों का कलेजा बैठ गया है।

बढ़ रहा बाढ़ का खतरा: तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई घर-दुकानों के अंदर पानी भर गया और देखते-देखते सड़क और हाईवे भी इसकी चपेट में आ गया। उम्मीद लगाई जा रही है कि अब धीरे-धीरे जलस्तर घटेगा और लोगों को राहत मिलेगी। बाढ़ का खतरा इतना अधिक रहा है कि अब संपर्क और एप्रोच मार्ग भी टूट रहे हैं। नगर में जहां पर रोजाना भीड़ और गाड़ियों का आवाजाही इतनी अधिक रहा कि जाम की स्थिति बनी रहती है। लेकिन अब उसी स्थान पर चार से पांच फुट तक पानी भरा हुआ है। नगर के तमसा मार्ग, जौहरडीह मार्ग, रेलवे स्टेशन मार्ग, नई सड़क, सब्जी मंडी सड़कों पर जलभराव होने से नगर के कई संपर्क मार्ग पूरी तरह से ठप हैं। इसमें कई मार्गों पर नाव चल रही है। सांसद रितेश पांडेय के नेतृत्व में पंख संस्था के अध्यक्ष अंशु बग्गा, प्रदीप अग्रवाल आदि ने नाव से बाढ़ क्षेत्र का भ्रमण कर लोगों से घरों तक पहुंचे। सांसद ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों से मिला। खाद्य पदार्थ, कपड़ा आदि दिया और जिला प्रशासन से बात कर आपदा राहतकोष से पीड़ितों की मदद करने का आग्रह किया गया है।

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