अंबेडकरनगर: खुझिया गांव विस्फोट कांड का मास्टरमाइंड आठ दिन बाद भी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका है। उसकी तलाश में पुलिस गैरजनपदों की खाक छान रही है। वह पुलिस से बचने के लिए लगातार गुमराह कर रहा है। करीबियों के मुताबिक उसने एक स्थानीय व गोपनीय ठिकाने पर शरण ले रखी है। एटीएस व आइबी की जांच तथा एसपी समेत उच्चाधिकारियों के दबाव के चलते उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए अभी हार नहीं मानी है और इस दिशा में तकनीकी तरीके से अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है।

गत सप्ताह बुधवार की शाम भीटी थाने के गांव खुझिया निवासी सिद्धू उर्फ मोहम्मद जब्बार के घर छिपाकर रखे अवैध बारूद में विस्फोट से उसका घर व पड़ोसी की दीवार जमींदोज हो गई थी। इसमें सिद्धू की बहू व एक बच्चा समेत दो लोग घायल हो गए थे। तत्समय एसडीएम संतोष कुमार ओझा की मौजूदगी में पुलिस द्वारा चलाए गए सर्च अभियान के दौरान सिद्धू के भाई बुद्धू उर्फ मोहम्मद गफ्फार के घर के अंदर तहखाने में छिपाकर रखा विस्फोटक का जखीरा व अन्य सामान बरामद हुआ था। इसे डिफ्यूज करने के दौरान दोबारा विस्फोट में चार लोग घायल हो गए थे। थानाध्यक्ष की तहरीर पर दोनों भाइयों व उनके पूरे परिवार के खिलाफ पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। सिद्धू समेत दो आरोपितों को पुलिस ने तीन दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जबकि मास्टरमाइंड बुद्धू फरार है। पुलिस की विभिन्न टीमें उसकी तलाश में उसके रिश्तेदारों समेत विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। निरीक्षक संजय पांडेय ने बताया कि पुलिस उसके करीब तक पहुंचने वाली है। शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

-आत्मसमर्पण की फिराक में बुद्धू : मास्टरमाइंड बुद्धू न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जेल जाने की फिराक में है। वह अपने वकील के पास पैरोकार के माध्यम से सरेंडर व जमानत के कागजात तैयार कराने में जुटा है। इसकी पुष्टि उसके नजदीकी लोगों व सूत्रों ने की है। चौकन्ना पुलिस भी प्रतिदिन न्यायालय का चक्कर काटकर लौट रही है, लेकिन बुद्धू की गोपनीय रणनीति की भनक किसी को नहीं है। -कारोबार में बुद्धू, सिद्धू का पूरा परिवार था शामिल : मौत का सामान बनाने में बुद्धू व सिद्धू के परिवार की महिलाएं, लड़कियां, युवक व किशोर शामिल रहते हैं। स्थानीय स्तर पर यह बात किसी से छिपी नहीं है। तत्समय उसके घर की एक लड़की ने एसडीएम व पुलिस के समक्ष इसकी स्वीकारोक्ति की थी। उसके तथा ग्रामीणों के बयान व जांच के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में दोनों के पूरे परिवार को आरोपित बनाया है।

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