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अंबेडकरनगर: शराब कंपनी से 84 लाख की धोखाधड़ी: एजेंट ने परिवार और गोदाम इंचार्ज के साथ मिलकर बिछाया जाल, 14 पर FIR दर्ज

Published: Thu, 01 Oct 2026 04:33 PM (GMT+05:30)

लखनऊ की एक शराब कंपनी के एजेंट ने अंबेडकरनगर में अपने परिवार और गोदाम इंचार्ज के साथ मिलकर 84 लाख 11 हजार रुपये की धोखाधड़ी की।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. लखनऊ की शराब कंपनी से 84 लाख रुपये की धोखाधड़ी।

  2. एजेंट ने परिवार और गोदाम इंचार्ज संग मिलकर घोटाला किया।

  3. पुलिस ने 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। लखनऊ की शराब कंपनी के एजेंट ने गोदाम इंचार्ज के साथ षड्यंत्र कर 84 लाख 11 हजार रुपये हड़प लिए। पुलिस ने एजेंट, माता-पिता, भाई समेत 14 नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। लखनऊ के जानकीपुरम के एलएस-2/77 जानकी पुरम विस्तार योजना निवासी विकास जायसवाल मेसर्स बिहाइव एल्कोहल में पार्टनर हैं।

कंपनी के पास अंबेडकरनगर में देशी, अंग्रेजी शराब एवं बियर के वितरण का लाइसेंस है। इसमें राजेसुल्तानपुर के गढ़वल बाजार के अमित चंद्र वेतनभोगी एजेंट के रूप में कार्यरत थे। इन्हें कंपनी से माल प्राप्त करने से लेकर फुटकर दुकानदारों को बेचने व रुपये की वसूली कर खाते में जमा करने का दायित्व सौंपा गया था।

आरोप है कि भाई रविचंद्र, राहुल चंद्र, पिता गुलाब चंद्र, मां शीला देवी, पत्नी रिया गोस्वामी एवं गोदाम इंचार्ज अमन गौड़ के साथ षड्यंत्र रचकर गोदाम से लिए गए माल की बिक्री से प्राप्त धनराशि कंपनी के खाते में जमा नहीं किया। रकम भाई रविचंद्र के फर्म मेसर्स रवि ट्रेडर्स के खातों में जमा कर दिया। दुकानदारों को गुमराह किया कि देशी, अंग्रेजी व बियर के लिए अलग-अलग खातों में धनराशि जमा करने को कहा गया है। इस उद्देश्य से रवि ट्रेडर्स के नाम से गढ़वल स्थित पंजाब नेशनल बैंक में खाता खोला।

रविचंद्र से संबंधित हैं तीनों बैंक खाते

कंपनी के करीब 37 लाख सात हजार रुपये जमा कराए। इसी प्रकार रविचंद्र के नाम से एचडीएफसी बैंक के खाते में 13 लाख 87 हजार तथा बैंक आफ बड़ौदा के खाते में छह लाख धनराशि प्राप्त की गई। इसके अलावा दुकानदारों से लगभग 10 लाख नकद लिया गया। तीनों बैंक खाते रविचंद्र से संबंधित हैं।

आरोपानुसार अमित चंद व कंपनी के गोदाम निगरानीकर्ता अमनदीप गौड़ ने बिना किसी वैध बिल एवं बिना गेट पास के विभिन्न लोगों को कंपनी का माल दिया। रजिस्टर में छेड़छाड़ व फर्जी तरीके से कंपनी के कंप्यूटर से पासवर्ड का दुरुपयोग करके बिल बनाकर डिलीट किया गया। ऐसा कर कंपनी को 84 लाख 11 हजार की आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। 15 सितंबर से अमित चंद ने फोन बंद कर लिया।

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घर पर मिले उसके पिता, माता व अन्य लोगों ने रुपये वापस करने से इन्कार करते हुए जान से मारने की धमकी दी। विकास जायसवाल ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। राजेसुल्तानपुर थाना प्रभारी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही है।