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अंबेडकरनगर के न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय बने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश, पैतृक गांव मुस्कुराई में जश्न

Published: Wed, 30 Sep 2026 09:44 AM (IST)

न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश नियुक्त होने से उनके पैतृक गांव मुस्कुराई और पूरे अंबेडकरनगर में ...और पढ़ें

देवेंद्र कुमार उपाध्याय पैतृक आवास। जागरण

देवेंद्र कुमार उपाध्याय पैतृक आवास। जागरण

HighLights

  1. न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश नियुक्त हुए।

  2. उनके पैतृक गांव मुस्कुराई और अंबेडकरनगर में खुशी।

  3. वकालत से शुरू कर सुप्रीम कोर्ट तक का सफर।

अजय सिंह/विकास सिंह, अंबेडकरनगर। वकालत के पेशे से जज। फिर उच्च न्यायालय में न्यायाधीश और दिल्ली हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश। अब सर्वाेच्च न्यायालय का न्यायमूर्ति बनने की कठिन यात्रा। देवेंद्र कुमार उपाध्याय (डीके) की इस कामयाबी पर पैतृक गांव मुस्कुराई चहक रहा है। गांव के लाल के इस ओहदे पर पहुंचने से स्वजन व करीबी आह्लादित हैं। इनका कहना है कि इस कामयाबी के पीछे परिवार के शिक्षित और संस्कारी परिवेश और ईमानदारी ने अहम भूमिका निभाई।

मूलत : भियांव ब्लाक के मुस्कुराई गांव निवासी न्यायमूर्ति डीके उपाध्याय ने लखनऊ विवि से विधि की शिक्षा पूरी की थी। 1991 में लखनऊ खंड पीठ में वकालत शुरू की थी। इसके बाद कामयाबी की सीढ़ियां लगातार चढ़ते रहे। अब सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त होने की खबर से घर-परिवार, गांव-जेवार के लोग ही नहीं, जनपदवासी विभिन्न माध्यमों से बधाई देते हुए गर्व महसूस कर रहे हैं।

स्वजन बताते हैं कि डीके दो भाई थे। छोटे भाई वीरेंद्र उपाध्याय का सात वर्ष पहले बीमारी से निधन हो चुका है। वहीं, इनके पिता राम अकबाल उपाध्याय चार भाई हैं। रामअकबाल लखनऊ में राजस्व परिषद (रेवेन्यू बोर्ड) के वकील हैं। इनके दूसरे भाई राम आसरे उपाध्याय जौनपुर में नेवासे पर रहते हैं।

वहीं, स्वास्थ्य विभाग में अपनी सेवा दे चुके तीसरे नंबर के भाई त्रिभुवन उपाध्याय घर पर रहते हैं। चौथे राम मिलन उपाध्याय भी रेलवे से सेवानिवृत्त हैं। पत्नी एवं एक पुत्र समेत घर पर मौजूद त्रिभुवन उपाध्याय को भतीजे के सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीश बनने की खबर मिली तो खुशी से उछल पड़े। बोले कि इस ओहदे पर देखकर मन बहुत गदगद है।

पिताजी के अच्छे मित्र रहे जज साहब के पिता

पड़ोसी गांव मठिया के मजरे घोरगहां के अनिल कुमार दुबे बताते हैं कि डीके उपाध्याय के पिता राम अकबाल, जिन्हें लोग लखनऊ में आरए उपाध्याय के नाम से जानते हैं, मेरे पिता स्व. शिवशंकर दुबे के अजीज मित्र थे। इसके चलते वह मुझे भी व्यक्तिगत रूप से पहचानते हैं। डीके की कामयाबी से पूरा गांव खुश है। तिघरा स्टेट से ताल्लुक रखने वाले पूर्व ब्लाक प्रमुख बृजेश कुमार सिंह बताते हैं कि डीके उपाध्याय अत्यंत सरल एवं ईमानदार व्यक्ति हैं।

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एक निमंत्रण पत्र पर मेरी पौत्री की शादी में बनारस पहुंचकर वर-वधू को आशीर्वाद प्रदान किया था। भुजगी निवासी समाजसेवी केशरीनंदन त्रिपाठी भी अत्यंत खुश दिखे।

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