अंबेडकरनगर : मतदाता नामावली के संक्षिप्त पुनरीक्षण अभियान में जिला निर्वाचन कार्यालय की पूरी कोशिश फिलहाल महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने में जुटी है। अभी तक चले अभियान में करीब 22 हजार 885 नवीन मतदाता बनाए गए हैं। इसमें 12 हजार 877 महिलाओं को मतदाता बनाया गया है। इसे जोड़ने के बाद मतदाता ¨लगानुपात 857 पर ही ठहरा है।

आयोग के निर्धारित मानदंड में एक हजार पुरुष मतदाता के सापेक्ष 976 महिला मतदाता होना चाहिए। हालांकि यह लक्ष्य पाना जिला निर्वाचन कार्यालय के लिए नामुमकिन लगने लगा है। लिहाजा जनपद में 880 महिला मतदाता का ¨लगानुपात बनाए जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए मतदाताओं को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। बूथ दिवस के साथ ही घर-घर अभियान में भी महिला मतदाता की तलाश सरगर्मी से किए जाने का निर्देश जारी किया गया है। जिला निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ सहायक शहंशाह आलम के मुताबिक एक हजार पुरुषों के सापेक्ष 880 महिला मतदाता का अनुपात मुकम्मल करने के लिए जनपद में करीब 48 हजार महिलाओं को मतदाता बनाए जाने की दरकार है। इसके साथ ही इतनी ही संख्या में बोगस पुरुष मतदाताओं के नामों में कटौती किए जाने से लक्ष्य हासिल होगा। ऐसा घर-घर अभियान की सफलता पर ही निर्भर करता है। पलायित मतदाताओं के अलावा दोहरे नाम वाले और मृत मतदाताओं को सूची से विलोपित किए जाने की प्रक्रिया जारी है। जनपद के सभी 2008 बूथों पर तैनात बीएलओ को बूथवार दस महिलाओं को मतदाता बनाने के साथ ही दस पुरुष बोगस मतदाता के नामों को विलोपित किए जाने के लिए निर्देशित किया गया है। हालांकि बीएलओ की उदासीनता जिला निर्वाचन कार्यालय की उम्मीदों पर भारी पड़ रही है। ऐसे में घर बैठे मतदाता बनाए जाने तथा विलोपन की कवायद मुसीबत बन सकती है। पूरक सूची के प्रकाशित होने के बाद गड़बड़ी का पता चल सकेगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया में सुचिता एवं पारदर्शिता बरतने का निर्देश बीएलओ को दिया गया है। अभी तक बीएलओ की शिकायत नहीं मिली है।