कठुआ फायरिंग में जान गंवाने वाले CISF सहायक कमांडेंट का हो चुका था प्रमोशन, बनने वाले थे DC कमांडेंट
जम्मू कश्मीर के कठुआ में फायरिंग में जान गंवाने वाले सीआइएसएफ के डाक्टर कमांडेंट अंकित पांडेय का प्रमोशन हो चुका था और जल्द ही उन्हें प्रमोशन लेटर मिलना था।

HighLights
कठुआ फायरिंग में शहीद हुए कमांडेंट अंकित पांडेय का प्रमोशन हो चुका था।
आरोपी हेड कांस्टेबल अभिदेश सिंह को ड्यूटी पर बच्चे लाने पर डांटा गया था।
अभिदेश ने पहले अन्य जवानों पर, फिर अंकित पांडेय पर आठ गोलियां दागीं।
जागरण संवाददाता, अंबेडकरनगर। जम्मू कश्मीर के कठुआ में जवान की फायरिंग में जान गंवाने वाले सीआइएसएफ के डाक्टर कमांडेंट अंकित पांडेय का प्रमोशन हो चुका था। जल्द दिल्ली हेड आफिस बुलाकर प्रमोशन लेटर सौंपा जाना था। एसी से डीसी कमांडेंट ग्रेड की सैलरी भी लग गई थी।
प्रमोशन के साथ कंधे पर तीन स्टार के बाद अशोक स्तंभ से सुशोभित होता। पहली पोस्टिंग पुणे में हुई थी और वही पर परीक्षा पास कर डाक्टर कमांडेंट के पद पर नियुक्ति हुई थी। बीते जनवरी माह में इनका स्थानांतरण कठुआ हुआ था। पत्नी प्रियंका के साथ शादी 2019 में हुई थी।
प्रियंका उत्तराखंड के अल्मोड़ा की रहने वाली है। ये फैशन डिजाइनर है, इनका वैवाहिक कार्यक्रम हल्द्वानी में हुआ था। इनके पिता रेलवे में नौकरी करते थे, जिनकी प्रियंका के बचपन में ही मौत हो गई थी। मां व भाई ने ही इनकी शादी किया।
गोलीबारी की वजह, परिवारीजनों की जुबानी
आरोपित हेड कांस्टेबल अभिदेश सिंह मूलतः बिहार का रहने वाला है। उसकी शादी जम्मू में ही साथ ड्यूटी करने वाली महिला सिपाही से हुई थी। इनका एक चार साल का बच्चा है।
अक्सर आरोपित व उसकी पत्नी की ड्यूटी संतरी की जगह पर होती थी। दोनों अपने बेटे को लेकर ड्यूटी पर आ जाते थे। सुरक्षा के दृष्टिगत यह गलत था, जिसे बार-बार रोका जाता था।
सप्ताह भर पूर्व अभिदेश को ऑफिस बुलाकर डॉक्टर कमांडेंट अंकित ने डांटा था। बीते मंगलवार को भी इसी बात को लेकर सब इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह से झड़प हुई और पहले आरोपी उन्हीं पर फायरिंग झोंक दिया। यहीं पर कांस्टेबल मोहम्मद रफीक व कांस्टेबल संदीप कुमार को भी गोली लगी। इसी समय पीछे के दरवाजे से डॉक्टर कमांडेंट अंकित पांडेय के ऑफिस में घुस कर आठ गोलियां दागी।
