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घर के आसपास हो रही है बिजली चोरी? अब अपने स्मार्टफोन से ऐसे करें शिकायत; नाम भी रहेगा सीक्रेट

Published: Sun, 30 Aug 2026 05:25 PM (IST)

बिजली विभाग ने चोरी रोकने के लिए 'बिजली मित्र' पोर्टल लॉन्च किया है, जिससे स्मार्टफोन से गोपनीय शिकायतें की जा सकेंगी।

यह तस्वीर AI जेनेरेटेड है

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HighLights

  1. बिजली चोरी की शिकायत अब स्मार्टफोन से गोपनीय तरीके से करें।

  2. मध्यांचल विद्युत निगम का 'बिजली मित्र' पोर्टल हुआ लॉन्च।

  3. अंबेडकरनगर में बिजली चोरी के 500 मुकदमे दर्ज, अभियान तेज।

संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। बिजली चोरी करने वालों पर नकेल कसने के लिए बिजली विभाग और सख्त हो गया है‌ मध्यांचल विद्युत वितरण निगम बिजली चोरी रोकने के लिए अब जनता को सीधे हथियार दे दिया है। अब आपको बिजली दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

सिर्फ अपने स्मार्टफोन से ही आप बिजली चोरी की शिकायत कर सकते हैं, और वो भी बिना अपना नाम-पता बताए। अधीक्षण अभियंता रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यांचल विद्युत निगम uppcl.org पर जाकर ‘बिजली मित्र ’पोर्टल, bijlimitra.uppcl.org विकल्प चुनें और बिजली चोरी से जुड़ी सूचना दर्ज कर सकेंगे।

नाम पता गोपनीय रखा जाएगा। दर्ज बिजली चोरी की मुकदमे: मध्यांचल विद्युत वितरण निगम की विजिलेंस टीम ने जिला मुख्यालय से ग्रामीणांचल तक बिजली चोरी रोकने के लिए चेकिंग अभियान चलाकर फरवरी से अब तक 500 मुकदमे दर्ज किए गए।

बिजली चोरी के सर्वाधिक मामले अकबरपुर के हैं जबकि टांडा दूसरे नंबर पर है। निगम के चारों डिवीजन में 42 बिजली उपकेंद्रों से शहरी समेत देहात के 163 फीडर संचालित हैं। इससे चार लाख 30 हजार उपभोक्ताओं को प्रति माह औसतन 250 मिलियन यूनिट बिजली दी जाती है।

इसके सापेक्ष बिल की वसूली 40 फीसद नहीं हो पा रही है। चोरी रोकने के लिए विजिलेंस टीम संवेदनशील इलाकों में चेकिंग अभियान चला रही है। बिजली चोरी में चिह्नित हुए इलाके: विजिलेंस टीम के अनुसार भीटी, कटेहरी, सेनपुर, महरुआ, जाफरगंज, टांडा, इब्राहिमपुर, अलीगंज, केदारनगर, हंसवर, बसखारी, रफीगंज, नेवादा, रामनगर, न्यौरी, कल्याणपुर, जहांगीरगंज तथा रामनगर को बिजली चोरी के मामले में चिह्नित किया गया है। यहां हर माह 50 हजार से अधिक यूनिट बिजली चोरी होती है। वहीं, राजस्व वसूली के मामले में बहुत पीछे है।

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फुंके रहा ट्रांसफार्मर

वर्कशॉप अवर अभियंता धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि फरवरी से अब तक छोटे बड़े 400 से अधिक ट्रांसफार्मर फुंक चुके हैं। मई में 25 दिन के भीतर 130 फुंके। सबसे ज्यादा 10 केवीए और 25 केवीए के ट्रांसफार्मर जवाब दे रहे हैं। अप्रैल-मई से जून तक 250 फुंक चुके हैं। जुलाई- अगस्त में 300 से अधिक ट्रांसफार्मर जल चुके हैं।


शिकायत तथा मुखबिर की सूचना पर विजिलेंस टीम हर दिन बिजली चोरी रोकने के लिए चेकिंग अभियान चला रही है। चोरी के मुकदमे भी दर्ज कराए जा रहे हैं।
 
                                                                             अमन सिंह, विजिलेंस अवर अभियंता