अंबेडकरनगर में प्राइवेट हॉस्पिटल की गुणवत्ता परखेगी टीम, कमियां मिलने पर रद होगा लाइसेंस
अंबेडकरनगर में निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए सीएमओ ने विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें ...और पढ़ें

इस फोटो को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
सीएमओ ने निजी अस्पतालों की जांच के लिए टीमें बनाईं।
16 से 30 नवंबर तक चलेगा विशेष जांच अभियान।
मानक पूरे न होने पर लाइसेंस रद, अवैध पर मुकदमा।
संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। जिले में गली-कूचों एवं मानक को दरकिनार करके प्राइवेट हास्पिटलों का संचालन अब कठिन होगा। सीएमओ ने हर तहसील में एक-एक टीम का गठन किया है, जो जांच कर रिपोर्ट कार्यालय को प्रेषित करेंगी। टीम में संबंधित नगरीय सीएचसी के अधीक्षक, अग्निशमन विभाग के कर्मचारी, बायोवेस्ट संस्था के कर्मी एवं अन्य दो लोग शामिल होंगे। 16 से 30 नवंबर के मध्य अभियान चलाया जाएगा।
इस बीच अंतराल देकर निरीक्षण होगा व निरीक्षण की तिथि सीएमओ ही तय करेंगे। रिपोर्ट निरीक्षण तिथि पर शाम तक कार्यालय को प्रेषित करना अनिवार्य होगा। बीते दिनों नगर पंचायत इल्तिफातगंज में दंत क्लीनिक में महिला मरीज की मौत के बाद जिला प्रशासन सख्त हो गया है।
बिना लाइसेंस, मानक विहीन व अन्य कमियों के चलते वर्ष 2024 में डीएम के निर्देश पर एक दिन में छापेमारी कर 16 अवैध अस्पताल सील किए गए थे। इसमें अधिकांश संचालित किए जाने लगे तो कइयों ने ठिकाना बदल दिया।
जुलाई माह में बसखारी स्थित एक नर्सिंग होम में नर्स से गर्भपात कराए जाने पर महिला की मौत हो गई थी। वहीं, बीते 24 अक्टूबर को इल्तिफातगंज कस्बे में दंत क्लीनिक में दंत का उपचार कराने आई महिला को एनेस्थीसिया की अधिक डोज देने से मौत हो गई।
इसके बाद एक बार फिर से विभाग की नींद टूटी है। घटना के पांच दिन बाद सीएमओ स्वयं निरीक्षण करने पहुंचे थे। साथ ही सीएमओ टीम बना अब सील हास्पिटलों की हकीकत परखने की तैयारी में जुट गए है।
टीम में एक डिप्टी सीएमओ, केंद्र अधीक्षक तथा थानाध्यक्ष शामिल है। जिला मुख्यालय के बसखारी रोड स्थित एक हड्डी अस्पताल संचालक का हास्पिटल भी मानक विहीन बताने के साथ तीमारदार डॉक्टर की डिग्री पर भी सवाल उठाने शुरू कर दिए है। हालांकि यह जांच विभागीय प्रकरण है।
ये अस्पताल हुए थे सील
बब्लू दंत क्लीनिक इल्तिफातगंज, स्पर्श हास्पिटल बसखारी, आयुष्मान चाइल्ड हेल्थ एंड केयर, अवध हड्डी एवं जनरल हास्पिटल, शिफा क्लीनिक, अकबरपुर क्लीनिक, वर्धन चिकित्सालय एवं नर्सिंग होम, शारदा हास्पिटल एवं जच्चा बच्चा केंद्र, गंगा हास्पिटल देवरिया बाजार, वेद नारायण हास्पिटल सिरसिया आदि शामिल है।
सील एवं पंजीकृत हास्पिटलों की गुणवत्ता एवं भवन का नक्शा परखा जाएगा। इस दौरान झोलाछाप व अपंजीकृत क्लीनिक मिलने पर विभागीय कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। बिना डिग्री व लाइसेंस के कोई भी हास्पिटल का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। -डॉ. प्रमोद कुमार, सीएमओ।
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