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पारा चढ़ने के साथ अंबेडकरनगर में 200 मेगावाट पहुंची बिजली की डिमांड, विभाग ने शुरू की ट्रिपिंग

Published: Sat, 14 Mar 2026 03:11 PM (GMT+05:30)

अंबेडकरनगर में गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग 200 मेगावाट तक पहुंच गई है, जिससे ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज जैसी समस्याएं ...और पढ़ें

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संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। गर्मी में पारा चढ़ने के साथ ही बिजली की मांग 200 मेगावाट तक पहुंच गई।ट्रांसमिशन के अफसर का कहना है कि जिस तरह से गर्मी बढ़ रही है उससे इस बार बिजली की मांग 360 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। मार्च के पहले पखवाड़े में ही तापमान चढ़ने के लोगों के पसीने छुड़ाने शुरू कर दिए हैं।

शहर और ग्रामीण को तय शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति करने के लिए मध्यांचल विद्युत वितरण निगम हांफने लगा है विजली की खपत से ट्रांसफार्मर तेल रिसाव,तार जलना,फ्यूज उड़ना, फीडर जलना,इंसुलेटर खराबी जैसी समस्या उत्पन्न हो रही है।

शहर की बिजली व्यवस्था पर दिखने लगा असर

जिला मुख्यालय समेत ग्रामीणांचल इसका सीधा असर शहर की बिजली व्यवस्था पर दिखने लगा है। पिछले वर्षाें के मुकाबले इस साल मार्च के पहले व दूसरे हफ्ते में बिजली की खपत 50 मेगावाट बढ़ गई है। होली तक जिले में 150 मेगावाट खपत थी।अब बढ़कर 200 मेगावाट पहुंच गई।इस कारण ग्रामीणांचल में कहीं ट्रिपिंग हो रही है तो लो-वोल्टेज बिजली मिलने की समस्या से लोगों जूझना पड़ रहा है।बिजली के आने-जाने की समस्या के बनी रही।

लगातार कटौती भी खूब हो रही।अभी तक अधिकतम तापमान 33 डिग्री व न्यूनतम 21 डिग्री पर है। दोपहर में धूप तेज होने के कारण घरों और दफ्तरों में एसी व कूलरों का इस्तेमाल समय से पहले शुरू हो गया है। मार्च में बिजली की डिमांड में अचानक आई इस तेजी से मध्यांचल विद्युत वितरण निगम अतिरिक्त बिजली की खरीद कर रही हैं।

तापमान बढ़ा तो बढ़ेगी बिजली की खपत

ग्रामीणांचल संग शहर की बिजली आपूर्ति का जिम्मा संभाल रही।‌ तापमान ऐसे ही बढ़ता रहा तो अप्रैल-मई तापमान 40 से 45 डिग्री पर पहुंचने पर 360 मेगावाट बिजली खपत होने अनुमान ट्रांसमिशन विभाग लगाया जा रहा है। जबकि गत वर्ष 2025 फरवरी से 20 मार्च तक 150 मेगावाट बिजली खपत थी।

अकबरपुर, जलालपुर, टांडा, आलापुर डिवीजन के 41 विद्युत उपकेंद्र जिला मुख्यालय समेत 899 गांवों चार लाख 30 हजार बिजली आपूर्ति के लिए 113 ग्रामीण तथा 33 शहरी फीडर संचालित हैं। 35 हजार से अधिक छोटे- बड़े ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। विद्युत उपकेंद्र पर 33 केवीए लाइन आपूर्ति के लिए कोटवा महमदपुर 132 केवीए, टांडा 132 केवीए ट्रांसमिशन, कुर्की बाजार 220 केवीए जलालपुर, आलापुर ट्रांसमिशन संचालित है।

बिजली की खपत ट्रांसमिशन के अनुसार मेगावाट में-

1 मार्च -160
2 मार्च -155
3 मार्च - 170
3 मार्च -160
4 मार्च - 170
5 मार्च - 180
6 मार्च - 179
8 मार्च - 170
9 मार्च - 190
10 मार्च -185
11 मार्च - 200
12 मार्च - 200
13मार्च - 195

बिजली की मांग 200 मेगावाट पहुंच गई है, हर दिन बिजली की मांग बढ़ रही है। रोस्टिंग के अनुसार सभी विद्युत केंद्र पर मुख्य सप्लाई दी जा रही है। -आरपी पाठक, एसडीओ कोटवा महमदपुर 132 केवीए ट्रांसमिशन केंद्र