विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अंबेडकरनगर में बुलडोजर मॉडल में सजेंगे पंडाल, चटख होगा देशभक्ति का रंग

Published: Fri, 09 Oct 2026 03:34 PM (IST)

अंबेडकरनगर में शारदीय नवरात्र के दौरान दुर्गा पूजा पंडालों में भक्ति के साथ देशभक्ति और सनातन संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

शहजादपुर फव्वारा तिराहे पर बुलडोजर के आकार का तैयार हो रहा पंडाल।

शहजादपुर फव्वारा तिराहे पर बुलडोजर के आकार का तैयार हो रहा पंडाल।

HighLights

  1. कारगिल म्यूजियम पंडाल देशभक्ति और बलिदानियों के शौर्य को दर्शाएगा।

  2. बुलडोजर मॉडल पंडाल माफिया के खिलाफ कार्रवाई का संदेश देगा।

  3. खाटू श्याम दरबार व धारी देवी मंदिर प्रतिकृति भी श्रद्धालुओं को लुभाएगी।

संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। शारदीय नवरात्र में इस बार शहर की दुर्गा पूजा में भक्ति के साथ देशभक्ति और सनातन संस्कृति का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। अकबरपुर शहर के मालीपुर रोड पर कारगिल के बलिदानियों को समर्पित म्यूजियम श्रद्धालुओं में देशप्रेम का भाव जगाएगा।

वहीं फव्वारा तिराहा पर बुलडोजर मॉडल व मालीपुर रोड पूर्वी नाका के पास डमरू वाला पंडाल आकर्षण का केंद्र बनेगा। तहसील तिराहा पर खाटू श्याम दरबार व पहितीपुर रोड पर दक्षिण भारत के प्रसिद्ध धारी देवी मंदिर की प्रतिकृति श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी।

जय भवानी दुर्गा पूजा समिति अध्यक्ष विक्रम जायसवाल की ओर से कारगिल म्यूजियम के आकार का पंडाल तैयार किया जा रहा है। इसमें भारतीय सैनिकों की प्रतिमाओं के साथ हिमालय की बर्फीली चोटियों का दृश्य उकेरा जाएगा।

पंडाल के जरिए कारगिल युद्ध के वीर बलिदानियों के शौर्य और त्याग को याद किया जाएगा। समिति का उद्देश्य मां दुर्गा की आराधना के साथ युवाओं और बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाना भी है।

वहीं, फव्वारा तिराहे पर बाबा के बुलडोजर मॉडल की तर्ज पर पंडाल बनाया जा रहा है। माफिया के विरुद्ध कार्रवाई के प्रतीकात्मक संदेश के रूप में तैयार किया जा रहा है। तहसील तिराहा पर खाटू श्याम दरबार की झलक श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी।

पंडालों को आकर्षक और जीवंत रूप देने के लिए बंगाल से आए कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। कहीं ढांचे को अंतिम रूप दिया जा रहा है तो कहीं रंग-रोगन और सजावट का काम चल रहा है। दुर्गा पूजा महोत्सव का शुभारंभ 17 अक्टूबर 21 तक कार्यक्रम चलेगा।

2,200 पंडाल और 170 रामलीला समिति

जिला मुख्यालय समेत ग्रामीणांचल तक 2200 दुर्गा पंडाल सजाए जाएंगे और 170 समितियां द्वारा रामलीला मंचन सजाया जाएगा।नवरात्रि के पहले दिन एक हजार पंडाल में दुर्गा प्रतिमा विराजमान होंगे। दशहरा के बाद रामलीला मंचन का शुभारंभ होगा। तमसा नदी, श्रवण धाम, सरयू नदी सुमित अन्य 50 से अधिक विसर्जन घाट घाट तैयार किए जाएंगे।