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अंबेडकरनगर: धागा मिल में काम करने वाली 21 महिलाएं फूड प्वाइजनिंग का शिकार, डाल-चावल खाने से बगड़ी तबीयत

Published: Wed, 30 Sep 2026 02:19 PM (IST)

अंबेडकरनगर में पार्थ ट्रेड धागा मिल की कैंटीन में भोजन के बाद 21 महिला कर्मी और प्रशिक्षु युवतियां फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गईं।

महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पीड़िता स्नेहलता से जानकारी लेतेे सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार

महामाया राजकीय एलोपैथिक मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पीड़िता स्नेहलता से जानकारी लेतेे सीएमओ डॉ. प्रमोद कुमार

HighLights

  1. धागा मिल की 21 महिला कर्मी फूड प्वाइजनिंग का शिकार।

  2. आलू-बैंगन की सब्जी खाने से तबीयत बिगड़ने की आशंका।

  3. 17 युवतियां मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर।

संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। पार्थ ट्रेड धागा मिल की कैंटीन में भोजन के बाद 21 महिला कर्मी व प्रशिक्षु युवतियां फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गईं। इसमें कुछ युवतियां कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण लेने वाली हैं।

अधिकांश 18 से 22 साल की हैं। सभी को मेडिकल कॉलेज के अस्पताल लाया गया, 17 को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। पता चला है कि सभी ने आलू-बैंगन की सब्जी, रोटी, चावल व दाल खाई थी। आशंका है कि बैंगन की सब्जी ही विषाक्त हो गई या फिर इस पर पेस्टीसाइड के प्रभाव से ऐसा हुआ।

मिल में मंगलवार को तड़के तकरीबन तीन बजे काम करने वाली और प्रशिक्षण ले रहीं कुछ युवतियों ने पेट में दर्द होने और उल्टी की शिकायत की। इसके बाद मिल प्रशासन ने कुछ दवाएं दीं। पहले मामले को दबाने का प्रयास किया गया, लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर सुबह करीब 10 बजे मेडिकल कॉलेज के अस्पताल लाया गया।

मुख्य चिकित्साधीक्षक बृजेश कुमार डाक्टरों की टीम लेकर इलाज में जुट गए। थोड़ी देर बाद सीएमओ डा. प्रमोद कुमार, एसडीएम संजीव कुमार भी मेडिकल पहुंच गए और मरीजों से बात की। घटना के तकरीबन 12 घंटे बाद भी पीड़ितों के परिवारजन मेडिकल कालेज तक नहीं पहुंचे न ही कोई मिला।

सीएमओ, एसडीएम और फूड विभाग के अधिकारियों ने धागा मिल का निरीक्षण किया। फूड विभाग के अधिकारियों ने भोजन का नमूना एकत्र किया। एसडीएम ने पीने के पानी की भी जांच करने का निर्देश दिया।

जांच को भेजा नमूना

खाद्य सुरक्षा विभाग के सहायक आयुक्त द्वितीय श्रवण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि दाल, सब्जी, रोटी व पेयजल का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है। पेयजल तथा बैंगन की वजह से कर्मियों के बीमार होने की आशंका है।

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ये की गईं भर्ती

सुमित्रा, चंद्रकला, पूर्णिमा, सोनालिका, लालती, आरती, गुड़िया, शिवांगी, संजना, कुमकुम, दीपिका, शिल्पा, अमृता, कोमल, मंगेश, स्नेहलता, आकांक्षा।

पार्थ ट्रेड धागा मिल की महिला कर्मी व प्रशिक्षण ले रहीं युवतियों की तबीयत खराब होने पर सुबह मेडिकल कॉलेज लाया गया। अब इनका स्वास्थ्य स्थिर है। चार को इमरजेंसी से ही छुट्टी दे दी गई। 17 का इलाज चल रहा है।

                                                                                               डॉ. प्रमोद कुमार, सीएमओ