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अंबेडकरनगर में बैडमिंटन कोर्ट को इंटरनेशनल लुक देने की तैयारी, डेढ़ करोड़ से हाईटेक होगा एकलव्य स्टेडियम

Published: Mon, 24 Aug 2026 03:51 PM (GMT+05:30)

अंबेडकरनगर के एकलव्य स्टेडियम स्थित बैडमिंटन हाल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हाईटेक बनाने की तैयारी है, जिस पर करीब ...और पढ़ें

हाईटेक होगा स्टेडियम।

हाईटेक होगा स्टेडियम।

HighLights

  1. एकलव्य स्टेडियम बैडमिंटन हाल का होगा अंतरराष्ट्रीय मानकों पर उन्नयन।

  2. वुडन कोर्ट की जगह टेराफ्लेक्स शीट और फाल सीलिंग लगेगी।

  3. डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से मिलेगी आधुनिक सुविधाएं, पार्किंग भी।

संवाद सूत्र, अंबेडकरनगर। एकलव्य स्टेडियम स्थित बैडमिंटन हाल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हाईटेक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। हाल में मौजूदा वुडन कोर्ट को हटाकर टेराफ्लेक्स शीट लगाने के साथ ही शेड की जगह फाल सीलिंग कराई जाएगी। इसके अलावा खिलाड़ियों और प्रतियोगिताओं में आने वाले आफिशियल के लिए बेहतर पार्किंग व्यवस्था भी विकसित की जाएगी। पूरे कार्य पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

कार्यदायी संस्था यूपी आरएनएस की ओर से इसका एस्टीमेट तैयार कर खेल निदेशालय को भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारियों को जल्द ही स्वीकृत मिलने की उम्मीद है। टेराफ्लेक्स कोर्ट बनने से खिलाड़ियों को खेलने में सुविधा मिलेगी और चोट लगने का खतरा भी कम होगा। साथ ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए भी हाल अधिक उपयोगी हो सकेगा। बैडमिंटन हाल निर्माण के समय से ही विवादों में रहा है।

अनियमितताओं को लेकर पूर्व में कई बार जांच भी हो चुकी है। बाद में अधिकारियों के प्रयास से इसका निर्माण पूरा कराया गया और खिलाड़ियों के लिए वुडन कोर्ट तैयार किया गया। करीब चार-पांच वर्षों से यहां शौकिया खिलाड़ी बैडमिंटन खेलने पहुंचते हैं। खेल निदेशालय की ओर से बैडमिंटन कोच की तैनाती के बाद अब कई खिलाड़ी नियमित प्रशिक्षण भी ले रहे हैं।

शेड टूटने से खराब हुआ वुडन कोर्ट

बैडमिंटन हाल का शेड कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने से बारिश का पानी सीधे कोर्ट पर गिरता था। इससे कोर्ट कई जगह से टूटकर धंस गया। जिला क्रीड़ा अधिकारी ने इसको दुरुस्त कराया। हाल ही में पुलिस विभाग की जोनल बैडमिंटन प्रतियोगिता भी यहां आयोजित हुई थी।

बैडमिंटन हाल को हाईटेक बनाने के लिए यूपी आरएनएस ने एस्टीमेट तैयार किया है। टेराफ्लेक्स शीट लगने के बाद कोर्ट राष्ट्रीय और अन्य प्रतियोगिताओं के लिए उपयुक्त हो जाएगा। फाल सीलिंग और बेहतर प्रकाश व्यवस्था से दिन-रात अभ्यास एवं प्रतियोगिता कराने में भी सुविधा होगी। विभागीय स्तर पर प्रयास चल रहे हैं। जल्द एस्टीमेट स्वीकृत होने की उम्मीद है।- डॉ. मंजूर आलम अंसारी, जिला क्रीड़ा अधिकारी

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