जागरण टीम, प्रयागराज : औद्योगिक क्षेत्र थाना के चकपूरे खुर्द मियां का पूरा गांव में मंगलवार देर रात हुई मां-बेटी की हत्या के मामले में गुरुवार को भी माहौल गरम रहा। पोस्टमार्टम के बाद अपराह्न एंबुलेंस से शवों को घर लाते समय गांव के बाहर ही महिलाओं ने एंबुलेंस का रास्ता रोक लिया। आरोपितों की गिरफ्तारी, मृतकों के स्वजनों को मुआवजा और शस्त्र लाइसेंस की मांग करने लगीं। एसडीएम करछना विनोद कुमार पांडेय ने बातचीत कर मांगों को पूरा करने का आश्वसन दिया, तब जाकर शाम करीब छह बजे मां-बेटी के शव को घर के पास ही पुश्तैनी जमीन में दफनाया गया। उधर, रामबाग स्थित निजी अस्पताल में भर्ती घर के मुखिया बजरंग बहादुर पटेल की हालत नाजुक बनी हुई है।

चक पूरे खुर्द मियां का पूरा गांव निवासी बजरंग बहादुर पटेल (55), उनकी पत्नी प्रेमा (50) और पुत्री तनु (18) के गर्दन पर मंगलवार देर रात धारदार हथियार से हमला किया गया था। इसमें प्रेमा और तनु की मौत हो गई थी। जबकि बजरंग बहादुर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में गांव के ही नवनील चंद्र मिश्र, महेश नारायण मिश्र, आकाश मिश्र व सुजीत कुमार को नामजद किया गया था। आरोप लगाया गया कि पुरानी रंजिश को लेकर वारदात को अंजाम दिया गया। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद मां-बेटी का शव एंबलेंस से घर लाया जा रहा था, लेकिन गांव के बाहर ही बड़ी संख्या में महिलाओं ने एंबुलेंस का रास्ता रोक लिया। इसी दौरान अपना दल कमेरावादी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. पल्लवी पटेल वहां पहुंच गईं। पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने डा. पल्लवी पटेल से बातचीत की। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने मृतकों के स्वजनों को उचित मुआवजा, पट्टे की जमीन, तीन शस्त्र लाइसेंस, बजरंग बहादुर के इलाज का खर्च, आरोपितों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की, जिस पर एसडीएम ने तत्काल पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने के साथ ही अन्य मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर आरोपितों की गिरफ्तारी की बात कही, जिसके बाद शाम करीब 5:30 बजे महिलाएं सड़क से हटीं और आधे घंटे बाद मां-बेटी के शव को दफनाया गया।

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पहली बार गांव में दफनाया गया शव

चकपूरे खुर्द मियां का पूरा गांव में किसी की मृत्यु होने पर दाह संस्कार लवायन कला के पंचवटी घाट पर किया जाता है। लेकिन पहली बार ऐसा हुआ जब मां-बेटी का शव उनके घर के पास ही पुश्तैनी जमीन में दफनाया गया। इसके लिए स्वजनों के साथ ही पटेल बिरादरी के लोगों ने भी सहमति जताई थी।

Edited By: Jagran