प्रयागराज, जेएनएन। प्रयागराज में महिला थाना प्रभारी ममता पवार की लखनऊ के संजय गांधी ट्रामा सेंटर में रविवार की सुबह मौत हो गई। ब्रेन हैमरेज के बाद वह पांच दिनों से लखनऊ स्थित एसजीपीजीआइ में इलाज चल रहा था। ममता महिला थाने में अपने कमरे में बेहोश मिली थीं। दरवाजा तोड़कर पुलिस ने उन्‍हें निकाला था। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के एसजीपीजीआइ में भर्ती कराया गया था। उनके पति आगरा में अधिवक्ता हैं जबकि मायके वाले मेरठ में रहते हैं।

महिला थाना प्रभारी अपने आवास में बेहोश पाई गई थीं

महिला थाना प्रभारी की ममता पवार 24 सितंबर की सुबह अपने आवास में बेहोश पाई गईं थीं। थाना परिसर में ही उनकाा आवास है। काफी देर तक वह नहीं उठी तो सहयोगियों ने दस्तक दी। कोई आहट नहीं होने पर दरवाजा तोड़ कर उन्हें निकाला गया था। इसके बाद उन्हें प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर की वजह से ब्रेन हैमरेज हो गया है। मुजफ्फरनगर  की मूूूल निवासी ममता को पीजीआइ रेफर कर दिया गया था। तमाम अफसर उन्हें देखने के लिए अस्पताल पहुंचे थे।

चिकित्सक ने ब्रेन हैमरेज की पुष्टि की थी

यूपी के मुजफ्फर नगर की रहने वाली ममता पवार महिला थाने की प्रभारी थीं। पुलिस कर्मी दरवाजा तोड़कर कमरे में गए तो महिला थाना प्रभारी ममता पवार अचेत अवस्था में पड़ी थीं। तत्काल उन्हें शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। ममता के जहर खाने की खबर फैली थी। कुछ ही देर में एडीजी, डीआइजी और एसएसपी समेत पुलिस के अन्य आला अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। अस्पताल की चिकित्सक डॉ. उमा जायसवाल ने हाई ब्लड प्रेशर और ब्रेन हैमरेज की पुष्टि की थी।

प्रयागराज के पुलिस कर्मियों में शोक की लहर

प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ के लिए रेफर किया गया था। पुलिस अधिकारियों ने तत्काल महिला थाने की प्रभारी को लखनऊ के एसपीजीआइ भेजा। लखनऊ के संजय गांधी ट्रामा सेंटर में भर्ती थीं। रविवार की सुबह उन्‍होंने दम तोड़ दिया। निधन की सूचना मिलने पर प्रयागराज के पुलिस महकमे में शोक की लहर है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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