जासं, प्रयागराज : बदलाव की बयार बह चली है। इसकी देन आप सब लोग हैं। आप लोगों ने ही अच्छे लोगों को चुना है, अच्छी सरकार बनाई है। देश में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तो प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार हर क्षेत्र में कार्य कर रही है।

उक्त बातें प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री, राजनैतिक पेंशन, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने शनिवार की शाम प्रयागराज : बयार बदलाव की जागरण विमर्श कार्यक्रम में दर्शकों के सवालों के जवाब के दौरान कहीं। कौशांबी के मंझनपुर निवासी अरुण केसरवानी ने सवाल किया कि कौशांबी में जैन और बुद्ध की स्थली है। यहां पर श्रीलंका, वर्मा और कंबोडिया की सरकारों ने बुद्ध और जैन मंदिरों का निर्माण कराया है। काफी लोग आते हैं। उनके ठहरने की व्यवस्था नहीं है। इस ओर सरकार क्या कदम उठा रही है। जवाब में काबीना मंत्री बोले, प्रदेश सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल के दौरान प्रयागराज में विकास दिखा है। कौशांबी में भी ढेरों विकास कार्य कराए गए हैं। कौशांबी में बौद्ध और जैन धर्मावलंबियों के ठहरने की व्यवस्था अवश्य कराई जाएगी। इसके लिए मुख्यमंत्री से आग्रह करेंगे। मंत्री ने बताया कि एयरपोर्ट के पास फाइव स्टार होटल के लिए सरकार विचार कर रही है। इससे प्रयागराज के साथ ही कौशांबी को भी लाभ मिलेगा। प्रयागराज के सिविल लाइंस निवासी सुबोध सिंह ने सवाल किया कि सरोजनी नायडू मार्ग की हालत कब तक सुधरेगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि निश्चित ही इस सड़क को दुरुस्त कराकर आवागमन की बेहतर सुविधा प्रदान की जाएगी। सुलेम सरांय निवासी भजन गायक मनोज कुमार गुप्ता ने सवाल किया कि हरिद्वार में गंगा ही अर्थव्यवस्था की आधार हैं मगर प्रयागराज में क्यों नहीं। इस सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि इस तरफ भी सरकार तेजी से कार्य कर रही है। मंत्री ने इस सत्र के शुरू में ही दैनिक जागरण समूह के चेयरमैन योगेंद्र मोहन गुप्त के निधन पर शोक संवेदना भी व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दिया। अंत में मंत्री ने कौशांबी के मूरतगंज क्षेत्र के चपहुआं गांव निवासी प्रगतिशील किसान रिजवान अहमद और प्रयागराज के अंकित टार्जन को सम्मानित किया। मंत्री ने दोनों को अंगवस्त्रम ओढ़ाया और तुलसी का पौधा भी भेंट किया। रिजवान अहमद पिछले 10 वर्षों से मृदा संरक्षण का कार्य कर रहे हैं। खुद तथा गांव के किसानों को जैविक खेती और मृदा संरक्षण के लिए जागरूक कर रहे हैं। अंकित पिछले 12 वर्षों से सांपों को पकड़ने का कार्य कर रहे हैं। आधी रात को भी बुलाने पर सहर्ष चले जाते हैं। अब तक हजारों जहरीले सांपों का रेस्क्यू कर चुके हैं।

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