प्रयागराज,जेएनएन। पूजा अनुष्ठान कराने वाले वेदपाठी ब्राह्मण लॉकडाउन में आर्थिक तंगी का शिकार हो गए हैं। दो माह से मंदिर बंद हैं। शादी विवाह कराने का अवसर भी अभी तक नहीं मिला। वेदपाठी ब्राह्मणों ने अब सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है।

शादी और अनुष्‍ठान बंद होनेसे है दिक्‍कत

अलोपीबाग में रामजानकी मंदिर के पुजारी पं. सुधाकर शास्त्री कहते हैं कि दो माह से आमदनी पूरी तरह बंद हैं। लोग पूजा अपने घरों में कर रहे हैं यह अच्छी बात है लेकिन, वेदपाठी ब्राह्मणों की आजीविका भी चलनी चाहिए। पुजारी प्रभाकर शास्त्री, कमला नेहरू अस्पताल के समीप हनुमान मंदिर के पुजारी प्रभाकर मिश्र और मुटठीगंज के अनुराग तिवारी का कहना है कि नवरात्रि बीत गई, शादी विवाह या अन्य अनुष्ठान भी बंद हैं। इसलिए राज्य सरकार वेदपाठी ब्राह्मणों की तकलीफ पर ध्यान दे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद संत होने के नाते धर्म-कर्म के कार्यों में लगे लोगों की दिक्कतों को समझते हैं। इसलिए उनसे मांग है कि लॉक डाउन से प्रभावित वेदपाठी ब्राह्मणों की सहायता के लिए आर्थिक पैकेज जारी करें।

मप्र सरकार ने दिया है आर्थिक पैकेज

श्रीवेणीमाधव मंदिर दारागंज के पुजारी विजय तिवारी ने कहा कि उनके यहां के वेदपाठी ब्राह्मण आचार्य रविकांत शास्त्री, आचार्य भगवत उपाध्याय, नीलमणि गर्ग, मदन मोहन मिश्र, आचार्य आनंद पाठक सहित अन्य लोगों के सामने काफी दिक्कतें हैं। कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने आठ करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज जारी किया है जिससे पुजारियों को 7500 रुपये और मंदिरों की व्यवस्था के लिए 5000 रुपये मिले हैं। जनहित में कुछ ऐसा ही कदम उप्र सरकार को भी उठाना चाहिए।

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