प्रयागराज (जेएनएन)। उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) में रविवार को अभ्यर्थियों का हुजूम उमड़़ा। प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 94 फीसद अभ्यर्थियों ने उपस्थिति दर्ज कराई तो दूसरी पाली में उच्च प्राथमिक स्तर के लिए 93 फीसद अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। परीक्षा को सकुशल संपन्न व नकलविहीन संपन्न कराने के लिए परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय उप्र प्रयागराज, के पर्यवेक्षकों के अलावा जिला प्रशासन, एसटीएफ और स्थानीय पुलिस बल सक्रिय रहा।

1783716 अभ्यर्थी पंजीकृत 

यूपी में दोनों परीक्षा के लिए 1783716 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए थे। सुबह की पाली में प्राथमिक स्तर की परीक्षा के लिए प्रदेश के 2070 केंद्रों पर पंजीकृत 1170786 अभ्यर्थियों के सापेक्ष 94 फीसद यानी 1101710 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे। इसमें 69076 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा 10:00 से 12:30 बजे तक हुई। कुछ जिलों के परीक्षा केंद्रों पर प्रश्न पत्र व ओएमआर शीट विलंब से बंटने की शिकायतें अभ्यर्थियों ने की। कहीं-कहीं अभ्यर्थी परीक्षा शुरू होने के 15-20 मिनट बाद भी पहुंचे। उच्च प्राथमिक स्तर की परीक्षा प्रदेश के 1051 केंद्रों पर अपरान्ह तीन बजे से 5:30 बजे तक हुई। इसमें पंजीकृत 612930 अभ्यर्थियों के सापेक्ष 93 फीसद अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए।

वाइस रिकॉॅर्डिंग युक्त सीसीटीवी कैमरे सक्रिय 

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों में वाइस रिकॉॅर्डिंग युक्त सीसीटीवी कैमरों को सक्रिय रखने के अलावा प्रश्न पत्र खुलने और परीक्षा खत्म होने पर ओएमआर शीट को सील करते समय भी वीडियोग्राफी कराई गई। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी, अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि कौशांबी और बिजनौर में सुबह की पाली में कुछ लोगों ने प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाह उड़ाई जिन्हें पुलिस और एसटीएफ ने पकड़ लिया। हालांकि प्रश्न पत्र का मिलान करने पर मामला फर्जी निकला। इसके अलावा प्रदेश में परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।

Posted By: Nawal Mishra