प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और बेसिक शिक्षा परिषद को सहायक अध्यापक पद पर चयनित अभ्यर्थियों को जिला आवंटन के मामले में पुन: मौका दिया है। हाई कोर्ट के 29 अगस्त 2019 के आदेश का पालन करने का मौका देते हुए कोर्ट ने कहा कि कोरोना संकट की वजह से प्रशानिक कार्यों में अड़चन आयी है। इसके मद्देनजर अधिकारियों को छूट दी जा रही है। लेकिन, किसी सांविधानिक आदेश को सिर्फ इस महामारी की आड़ में लटकाया नहीं जा सकता है।

दीपक कुमार और 241 अन्य अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट ने दिया है। याचियों का कहना था कि आरक्षित वर्ग के मेधावी छात्रों को (एमआरसी) को हाई कोर्ट ने उनकी कैटेगरी के मुताबिक प्राथमिकता वाले जिलों का आवंटन करने पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। लेकिन, आदेश का अब तक पालन नहीं किया गया है। इसके कारण अवमानना याचिका दाखिल की गई।

वहीं, सरकार के अधिवक्ता का कहना था कि कोरोना संकट की वजह से आदेश के अनुपालन में विलंब हुआ है। अनलॉक लागू होने के बाद सरकार का कामकाज अब सामान्य होता जा रहा है और जल्दी ही आदेश का पालन किया जाएगा। कोर्ट ने प्रदेश सरकार को याचीगण के प्रत्यावेदन पर तीन माह में आदेश का पालन सुनिश्चित करने व याचियों को सूचना देने का निर्देश दिया है।

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