प्रयागराज, जेएनएन। सभी परिषदीय स्कूलों में विद्यार्थियों की समझ बढ़ाने के लिए शिक्षण के नए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। छात्र छात्राओं को मॉडल के जरिए गणित समझाने की कोशिश हो रही है तो भाषा ज्ञान के लिए रीड एलांग एप का प्रयोग किया जा रहा है। अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्येक शिक्षक अपनी कक्षाओं में समृद्ध हस्तपुस्तिका के जरिए अध्यापन कार्य करेंगे। 

बोले बीएसए-समृद्ध हस्तपुस्तिका पर आधारित रिमिडियल टीचिंग संचालित होगी

बेसिक शिक्षाधिकारी संजय कुशवाहा ने बताया कि स्कूल खुलने पर प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों में समझ बढ़ाने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा विकसित विशेष माड्यूल समृद्ध हस्तपुस्तिका पर आधारित रिमिडियल टीचिंग संचालित की जाएगी। इसका लक्ष्य होगा कि बच्चों द्वारा प्रेरणा सूची में निर्धारित दक्षताओं को प्राप्त किया जा सके। समृद्ध हस्तपुस्तिका का प्रयोग करते समय शिक्षकों द्वारा कई बिंदुओं का भी ध्यान रखना होगा। 

तीन समूहों में बांटे जाएंगे विद्यार्थी

समृद्ध हस्तपुस्तिका पर आधारित रिमिडियल शिक्षण करने के पूर्व हस्तपुस्तिका में दिए गए दिशानिर्देशों के क्रम में सभी बच्चों का भाषा व गणित का प्रारंभिक आकलन सुनिश्चित किया जाएगा। इसे प्रेरणा तालिका में अंकित करना अनिवार्य होगा। प्रेरणा तालिका का समय समय पर एआपी और एसआरजी जांच कर प्रमाणित भी करेंगे। कक्षा एक और दो के विद्यार्थियों को एक समूह में रखा जाएग, कक्षा तीन और चार के विद्यार्थी दूसरे समूह में रहेंगे। कक्षा पांच के विद्यार्थी तीसरे समूह में रखे जाएंगे। इसमें गणित और हिंदी के भी कालम अलग अलग निर्धारित होंगे। यह हस्तपुस्तिका सभी जिलों में जल्द भेजी जाएगी।