यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Umesh Pal Murder Case: हमले में शहीद गनर संदीप की दो साल पहले हुई थी शादी, घटना के समय मायके में थी पत्नी
Umesh Pal Murder Case उमेश पाल हत्याकांड में मारे गए सिपाही के परिवार में मातम छाया है। घटना के समय ...और पढ़ें

प्रयागराज, जागरण संवाददाता। राजू पाल हत्याकांड के गवाह कृष्ण कुमार पाल उर्फ उमेश पर हमले में सुरक्षा में तैनात सिपाही संदीप निषाद के बलिदान से पुलिस विभाग में शोक की लहर है। वहीं परिवार में काहराम मचा है। दो साल पहले ही संदीप का विवाह हुआ था। संदीप की पत्नी रीमा शुक्रवार की सुबह मायके से प्रयागराज के लिए रवाना हो गई थीं लेकिन तब संदीप ने उसे फोन पर वापस लौटने को कह दिया था। रात में घातक हमले की खबर मिलने पर उसे परिवार के लोग यहां लेकर पहुंचे।
दो साल पहले हुई थी संदीप की शादी
आजमगढ़ जनपद में अहिरौला के बिसईपुर गांव निवासी 25 वर्षीय संदीप तीन भाइयों में मंझले थे। उनके बड़े भाई प्रदीप यहीं दारागंज में रहकर अध्यापक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। संदीप का विवाह 2021 में आजमगढ़ की रीमा से किया गया था। रीमा को संदीप ने यहां किराये के कमरे में साथ रखा था।
रीमा की चीख-पुकार से रो पड़े लोग
रीमा गुरुवार को मायके गई थी। शुक्रवार देर शाम भाई प्रदीप को फोन से सूचना देकर एसआरएन अस्पताल में आइसीसीयू बुला लिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही रीमा दहाड़े मारकर रोने लगी। वह बार-बार यही कहती रही कि उसे संदीप से मिलाओ वरना भूखा-प्यासा रहकर जान दे देगी। घरवाले उसे समझाते रहे लेकिन उसके आंसू नहीं थम रहे। रीमा का बिलखना देख हर किसी की आंखें भर आईं

पुलिस लाइन में संदीप को अंतिम सलामी
पोस्टमार्टम के बाद संदीप का शव शाम पांच बजे पुलिस लाइन ले जाया गया जहां एडीजी जोन भानु भास्कर, आइजी चंद्रप्रकाश, पुलिस आयुक्त रमित शर्मा, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और जिलाधिकारी संजय खत्री समेत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्प चक्र अर्पित कर अंतिम सलामी दी। इसके बाद पुलिस के वाहन में संदीप का पार्थिव शरीर आजमगढ़ ले जाया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी और लोग मौजूद रहे। सभी की आंखें नम रहीं।
