जासं, इलाहाबाद : अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव हत्याकांड की तफ्तीश में जुटी पुलिस टीम ने सोमवार को दो और संदिग्ध युवक को उठा लिया। एक संदिग्ध युवक को झारखंड तो दूसरे को प्रतापगढ़ में पकड़ा गया। दोनों से कड़ाई से पूछताछ चल रही है। माना जा रहा है कि इन संदिग्ध युवकों से शूटरों के बारे में कुछ अहम सुराग हाथ लग सकता है।

वहीं स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के हाथ भी शूटरों का क्लू लगा है। एसटीएफ उस सुराग को गहराई से छानबीन कर रही है। एसटीएफ सूत्रों का दावा है कि अब तक कई कड़ी को जोड़ा जा चुका है। इसमें से ही एक ऐसे शख्स के बारे में पता चला है कि, जिसे शूटरों के बारे में जानकारी हो सकती है। हालांकि वह युवक इस वक्त शहर से बाहर है। उसकी घेरेबंदी भी शुरू कर दी गई है। जल्द ही उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जाएगी तो शूटरों के बारे में पता लगने की उम्मीद है। राजेश हत्याकांड को लेकर पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ समेत पांच टीमें लगी हैं। एक टीम सीसीटीवी फुटेज, दूसरी संदिग्ध युवकों को उठाकर पूछताछ करने और तीसरी संदिग्ध नंबरों को छानबीन कर रही है। वहीं चौथी टीम प्रतापगढ़ और पांचवी झारखंड में डेरा जमाए हुए है। हैरान करने वाली बात यही है कि कत्ल के 12 दिन बाद भी शूटर पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। ऐसे में पुलिस की सक्रियता और कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि शूटरों के बारे में कई सुराग मिले हैं। सूचनाओं को विकसित कर झारखंड व प्रतापगढ़ से दो संदिग्ध को उठाया गया है। उनसे लगातार पूछताछ चल रही है। जल्द ही कुछ शूटरों का पता लगा लिया जाएगा।

......

कचहरी खुली, वकीलों में रोष -

सोमवार को कचहरी खुली और वकीलों ने कामकाज भी किया, लेकिन उनमें रोष अभी भी बरकरार है। अधिवक्ताओं का कहना है कि राजेश की हत्या के इतने दिनों बाद भी पुलिस शूटरों तक नहीं पहुंच सकी है। शार्प शूटरों ने जिस अंदाज में अधिवक्ता राजेश की गोली मारकर हत्या की, उससे पुलिस को खुली चुनौती मिली थी। इसके बाद भी पुलिस अपनी कार्य संस्कृति में बदलाव नहीं ला रही है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही शूटर पकड़े नहीं गए तो फिर से कार्य बहिष्कार कर आंदोलन किया जाएगा।

......

नाराज एडीजी ने लगाई फटकार -

जिले में लगातार हो रही घटनाओं से नाराज एडीजी एसएन साबत ने सोमवार को मातहतों को जमकर फटकार लगाई। साथ ही उन्होंने बड़ी वारदात का पर्दाफाश नहीं करने पर क्राइम ब्रांच और कर्नलगंज पुलिस पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा। एडीजी ने कहा कि घटनाएं तेजी से हो रही है, लेकिन उनका पर्दाफाश नहीं हो रहा है। शूटरों की गिरफ्तारी नहीं होने से टीम के काम में लापरवाही भी झलक रही है। अब ऐसे पुलिस कर्मियों को चिंहित कर कार्रवाई की जाएगी।

Posted By: Jagran