प्रयागराज, जेएनएन। शहर से करीब 40 किमी दूर मेजा में मंगलवार की सुबह सड़क हादसा हुआ। मेजा के औंता गांव के निकट दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से जख्‍मी हो गया। वहीं, कोरोना वायरस के कारण लागू हुए लॉक डाउन से जहां लोगों का जीवन यापन बदला है, वहीं कुछ बेहद महत्वपूर्ण काम भी प्रभावित हो रहे हैं। इसमें कई ऐसे बुजुर्ग भी थे, जिनकी अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो सकी है। जबकि, आज विश्व स्वास्थ्य दिवस है और ...इन्हें हम सैल्यूट न करें तो इस विशेष दिवस का उद्देश्य सार्थक नहीं होगा। आपको भी यदि सैल्यूट करना है तो...इन्हें करिए, जो खुद की बिना परवाह किए कोरोना के संक्रमित मरीजों का इलाज करने में तल्लीन हैं।

मेजा में दो बाइकों की भिड़ंत, दो युवकों की मौत व एक जख्‍मी

शहर से करीब 40 किमी दूर मेजा में मंगलवार की सुबह सड़क हादसा हुआ। मेजा के औंता गांव के निकट दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से जख्‍मी हो गया। मेजा के अतरैला निवासी रामबाबू का 24 वर्षीय पुत्र आकाश कुमार की मिश्रपुर गांव निवासी फुफेरी सास का निधन हो गया। अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए आकाश बाइक से मंगलवार की सुबह जा रहा था। उसके साथ उसका दोस्‍त अजित कुमार पुत्र जगदंबा निवासी बचकुंदा भी था। औंता गांव के समीप सामने से आ रही बाइक से उसका वाहन टकरा गया। दूसरी बाइक पर लालगंज थाना क्षेत्र के दिवार बसेरा गांव निवासी राम प्रकाश मौर्य का 28 वर्षीय पुत्र योगेश मौर्या सवार था। वह सिरसा में मोबाइल बनवा कर वापस घर जा रहा था।

Cremation : लॉकडाउन में कई बुजुर्गों की अंतिम इच्छा नहीं हो सकी पूरी, दाह संस्कार में आड़े आ रही सुरक्षा पाबंदियां

कोरोना वायरस के कारण लागू हुए लॉक डाउन से जहां लोगों का जीवन यापन बदला है, वहीं कुछ बेहद महत्वपूर्ण काम भी प्रभावित हो रहे हैं। इसमें कई ऐसे बुजुर्ग भी थे, जिनकी अंतिम इच्छा पूरी नहीं हो सकी है। उनके निधन के बाद इच्छा पूरी करने के लिए स्वजन जब पार्थिव शरीर लेकर गंगा घाट की ओर चले तो सुरक्षा पाबंदियां आड़े आ गईं। विवशता में वापस लौटकर उन्हें गांव में ही अंतिम संस्कार करना पड़ा और फिर अस्थियों को ही गंगा में विसर्जित किया।

World Health Day : इन्‍हें सैल्‍यूट...CoronaVirus के खिलाफ जंग में नर्स हैं समर्पित

 आज विश्व स्वास्थ्य दिवस है और ...इन्हें हम सैल्यूट न करें तो इस विशेष दिवस का उद्देश्य सार्थक नहीं होगा। आपको भी यदि सैल्यूट करना है तो...इन्हें करिए, जो खुद की बिना परवाह किए कोरोना के संक्रमित मरीजों का इलाज करने में तल्लीन हैं। इन्हें न तो अपने परिवार से दूर होने का गम है और न ही इन मरीजों की देखभाल करने में कोई डर। तभी तो हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इन नर्सों को सैल्यूट किया है। यहां हम बात कर रहे हैं उस नर्सिंग स्टाफ की, जो इस समय कोटवा एट बनी में भर्ती कोरोना के पाजिटिव मरीजों के इलाज व उनकी देखरेख में तैनात हैं। कोरोना के पाजिटिव मरीज मिलने के बाद से कोटवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छह नर्सिंग स्टाॅफ की ड्यूटी लगाई गई है। इसमें सैदाबाद से अनीता ङ्क्षसह, फूलपुर से सीमा श्रीवास्तव व नीतू ङ्क्षसह, चाका से पूजा श्रीवास्तव, कोटवा से आरती देवी व करछना से सुनीता ङ्क्षसह शामिल हैं। यह सभी अलग-अलग शिफ्ट में कार्य कर रही हैं। यह किन विषम परिस्थितियों में ड्यूटी कर रही हैं इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। वे 14 दिनों तक अब अपने घर भी नहीं जा सकती हैं, क्योंकि घर जाने से परिवार के लोग भी इससे प्रभावित हो सकते हैं।

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