प्रयागराज,जेएनएन । आत्मनिर्भरता की सिंबल बन चुकीं कादीपुर गांव की महिलाओं को जिले के उच्चाधिकारियों ने सलाम किया। विकास भवन में समूह की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र के साथ शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वहीं, दिल्ली में ऐलान हुआ कि 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में प्रयागराज देश के टॉप-10 शहरों में है। स्वच्छता के मामले में प्रदेश में संगम नगरी लखनऊ और वाराणसी से आगे रही है। जबकि  माघ मेला क्षेत्र में कत्ल के बाद यमुना नदी में फेंकी गई युवती की तीन रोज बाद भी पहचान नहीं हो सकी। उधर युवती के शव का पोस्टमार्टम भी हो गया है।

 अफसरों ने इन महिलाओं को किया सलाम और फिर हुआ सम्मान

आत्मनिर्भरता की सिंबल बन चुकीं कादीपुर गांव की महिलाओं को जिले के उच्चाधिकारियों ने सलाम किया। विकास भवन में आयोजित समारोह में सीडीओ प्रेमरंजन सिंह ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के उपायुक्त अजीत कुमार और डीपीआरओ रेनू सिंह के साथ समूह की महिलाओं को प्रशस्ति पत्र के साथ शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्हें कंबल और जैकेट भी प्रदान किए गए। इस दौरान विकास भवन में समूह द्वारा निर्मित चप्पलों का स्टॉल भी लगाया गया, जिसमें एक हजार जोड़ी से ज्यादा चप्पलों की बिक्री हुई। सीडीओ ने कहा कि कादीपुर के ज्वाला प्रेरणा ग्राम संगठन की महिलाओं ने देशभर में जिले का नाम बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समूह की महिलाओं की सराहना की है।

Cleanliness Survey : प्रयागराज देश के टॉप-10 शहरों में शामिल, प्रदेश में अव्वल

वर्ष 2019 का अंतिम दिन नगर निगम प्रयागराज के लिए सुखद रहा। नगर निगम की सीमा विस्तार के प्रस्ताव को योगी आदित्यनाथ कैबिनेट की मंजूरी मिल गई। वहीं दूसरी ओर दिल्ली में ऐलान हुआ कि 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में प्रयागराज देश के टॉप-10 शहरों में है। स्वच्छता के मामले में प्रदेश में संगम नगरी लखनऊ और वाराणसी से आगे रही है। शहरी क्षेत्रों के स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 के दो तिमाही के नतीजे जारी किए गए। अप्रैल से जून और जुलाई से सितंबर के तिमाही में प्रयागराज दोनों बार नौवें स्थान पर बरकरार रहा। पहले तिमाही में वाराणसी 14वें, कानपुर 15वें और लखनऊ 16वें स्थान पर रहा था। दूसरी तिमाही में प्रयागराज के बाद लखनऊ 10वें स्थान पर रहा। वाराणसी 19वें स्थान पर रहा। कानुपर दोनों तिमाही में टॉप-20 की सूची में स्थान नहीं बना सका।

 कत्ल कर यमुना में फेंकी गई युवती की नहीं हुई पहचान, पुलिस ने की अंत्येष्टि

माघ मेला क्षेत्र में कत्ल के बाद यमुना नदी में फेंकी गई युवती की तीन रोज बाद भी पहचान नहीं हो सकी। उधर युवती के शव का पोस्टमार्टम भी हो गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट होने से साफ हो गया कि युवती की हत्या गला दबाकर की गई थी। शिनाख्त न होने से पुलिस ने खुद युवती के शव की अंत्येष्टि करा दी है। फिलहाल पुलिस इस मामले में तहकीकात कर रही है। माघ मेला क्षेत्र में शनिवार सुबह हड्डी घाट के पास यमुना नदी में युवती की लाश देख लोगों ने पुलिस को खबर दी थी। शव को बाहर निकालकर निरीक्षण करने पर करीब 18 साल की युवती के गले पर दबाव के निशान दिखे। लड़की ने लैगी, कुर्ती और स्वेटर पहन रखा था। वहां भीड़ लगी लेकिन कोई भी शव की पहचान नहीं कर सका। तीन रोज तक युवती का शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा गया लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी। ऐसे में 72 घंटे बाद मंगलवार को दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया तो पता चला कि युवती की हत्या गला दबाकर की गई थी और कोई चोट नहीं दिखी। हत्या से पहले दुष्कर्म का भी संदेह है इसलिए डॉक्टरों की टीम ने जांच के लिए स्लाइड पर नमूना लिया है। पुलिस का कहना है कि शव का अंतिम संस्कार करा दिया गया है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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