प्रयागराज, जागरण संवाददाता। गोल्ड लोन स्कीम के तहत 14 लोगों ने नकली सोना गिरवी रखकर 25 लाख रुपये से अधिक का लोन ले लिया। जांच में सोना नकली पाए जाने पर एचडीएफसी बैंक जीरो रोड शाखा के अधिकारी मुकेश कुमार ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब पुलिस फरार वैलुवर समेत अन्य अभियुक्तों की तलाश कर रही है। बुधवार शाम तक कोई भी जालसाज पकड़ में नहीं आ सका था।

लोन लेकर नहीं जमा की शातिरों ने किश्त

एचडीएफसी बैंक की ओर से कुछ साल पहले गोल्ड लोन स्कीम लागू की गई थी। वर्ष 2017 से 20 के बीच अलग-अलग मोहल्ले में रहने 14 लोगों ने बैंक में सोना गिरवी रखकर ऋण लिया। बैंक की ओर से सोने का सत्यापन वैलुवर चंद्र कुमार सोनी ने किया था। एफआइआर के मुताबिक, स्कीम के तहत ग्राहकों को योजना व शर्तों के अनुसार किश्त जमा करना था, मगर किसी ने नहीं किया। इतना ही नहीं, इनमें से किसी ने भी बंधक रखे गए सोने को मुक्त भी नहीं कराने का प्रयास किया। तब बैंक अधिकारियों ने सोने को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू की और सभी को सूचना दी गई, लेकिन कोई भी कर्जदार बैंक नहीं पहुंचा। इस पर अधिकारियों को संदेह हुआ। सोने की जांच हुई तो पता चला कि नकली है। वैलुवर के बारे में जानकारी जुटाई गई तो मालूम हुआ कि वह घर छोड़कर फरार है। ऐसे में माना गया कि वैलुवर से सांठगांठ कर सभी ने बैंक से गोल्ड लोन लिया है। फिर बैंक अधिकारी मुकेश रिपोर्ट दर्ज कराई। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह का कहना है कि सभी आरोपितों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इनके खिलाफ हुआ मुकदमा

खुल्दाबाद निवासी वैलुवर चंद्र कुमार सोनी, खाताधारक मीरापुर के पप्पू कुमार, महाजनी टोला के राजकुमार सोनी, कटघर के चंद्रकांत श्रीवास्तव, अहियापुर के संजय रावत व मनीष कुमार रावत, मीरापुर के देव हीरा, मुकेश पाल, सुधा सिंह व अंकिता गुप्ता, कीडगंज के मनीष धुरिया, चकिया के प्रदीप कुमार धुरिया, मालवीय नगर के अंकिता मेहता, अतरसुइया के कल्पना गुप्ता, कौशांबी के कोखराज उपरहार निवासी सैयद सादाब आलम के खिलाफ कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच हो रही है।

Edited By: Ankur Tripathi