प्रयागराज, जेएनएन। शादी के बाद दहेज में पांच लाख रुपये की मांग न पूरी होने पर सिपाही पति द्वारा पत्नी को लगातार प्रताडि़त करने के बाद मारपीट कर तलाक दे दिया। पीडि़ता ने एसएसपी के पास पहुंच कर पति की हरकत की जानकारी दी। मामले में मऊआइमा पुलिस ने एसएसपी के आदेश पर सिपाही पति सहित चार के खिलाफ दहेज उत्पीडऩ और तीन तलाक का मुकदमा दर्ज कर लिया है।

मऊआइमा थाना क्षेत्र के सिसई सिपाह गांव का मामला

मऊआइमा थाना क्षेत्र के सिसई सिपाह गांव निवासी मोहम्मद फारूक ने अपनी बेटी रेशमा खान की शादी वर्ष 2011 में  मऊआइमा थाना क्षेत्र के ग्राम सराय सुलतान उर्फ पूरे मखदूम किरांव निवासी करम शेर खान के साथ की थी। शादी के कुछ दिनों तक पति-पत्नी के बीच बेहतर संबंध रहा। इस बीच दो बेटी व एक बेटे का भी जन्म हुआ। पति करमशेर सिपाही है तथा वर्तमान में फतेहपुर जिले में तैनात है। बावजूद इसके छोटे भाई के बेरोजगार होने की बात कह कर पति द्वारा पांच लाख मायके से लाने के लिए दबाव बनाया जाने लगा।

पति व ससुराल के अन्य लोगों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया

आरोप है कि कुछ माह पहले जब उसने अपने पिता के पास पैसे न होने की मजबूरी बताई तो पति व ससुराल के अन्य लोगों ने मारपीट कर घर से निकाल दिया। पंचायत में सुलह समझौते के बाद विवाहिता पुन: ससुराल आई। आरोप है कि पति करमशेर खान ड्यूटी से आया और दहेज की मांग को लेकर परेशान करने लगा। विवाहिता का कहना है कि उसके देवर आलम शेर अपनी लाइसेंसी राइफल तथा दूसरा देवर नाजिम शेर कटटे के बट से मारपीट कर लहूलुहान कर दिया। इस बीच चार सितंबर को सिपाही पति ने उसे तलाक देकर घर से बच्चों के संग निकाल दिया।

पुलिस ने नहीं सुनी तो एसएसपी से की फरियाद

पीडि़ता परिजनों के साथ मऊआइमा थाने पहुंच कर ससुरालियों के खिलाफ तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नही लिया। एसएसपी के आदेश पर पुलिस ने पीडि़ता की तहरीर पर पति करमशेर खान, सास नजमुन निशां, देवर आलम शेर खान, देवर नाजिम शेर खान के खिलाफ 2019 में लाए नये अध्यादेश  (मुस्लिम महिला विवाह अधिकार सुरक्षा अधिनियम की धारा 3/4) तथा आइपीसी की विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर मामले की जांच कर रही है।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

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