प्रयागराज, जेएनएन। जिले के नैनी इलाके में गुरुवार सुबह एसटीएफ से मुठभेड़ में मारे गए बदमाश वकील पांडेय उर्फ राजीव पांडेय और अमजद ने 2013 में डिप्‍टी जेलर अनिल त्‍यागी की हत्‍या कर सुर्खियों में आया था। मुख्‍तार अंसारी और माफिया मुन्‍ना बजरंगी के इशारे पर दिनदहाड़े हुई हत्‍या से खलबली मच गई थी। दिनदहाड़े हुई इस हत्या से पूरे प्रदेश में सनसनी फैल गई थी। प्रदेश सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर सवालिया निशान खड़े हो गए थे। केंद्र सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए यूपी सरकार से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की थी।

जिम के बाहर दिनदहाड़े हुई थी हत्‍या

वर्ष 2013 में डिप्‍टी जेलर अनिल त्‍यागी वाराणसी जेल में तैनात थे। एसटीएफ सीओ नवेंदु सिंह ने बताया कि अनिल त्‍यागी अपराधियों के लिए बेहद सख्‍त और नियम कानून के पक्‍के थे। अपराधी उनसे खौफ खाते थे। वह खुद भी मजबूत कद काठी के थे। जिसके चलते बदमाश उनके डरते थे। वर्ष 2013 की एक सुबह वह वाराणसी के अर्दली बाजार स्थित एक जिम के लिए कार से निकले थे। वह कार पार्क कर जिम के अंदर जा रहे थे। तभी दिनदहाड़े बाइक से पहुंचे दो बदामशों ने उनकी गोली मारकर हत्‍या कर दी। हत्‍या के बाद दोनों बदमाश फायरिंग करते हुए भाग निकले थे। इस वारदात के बाद  दोनों बदमाशों का नाम प्रदेश के टॉप टेन बदमाशों की सूची में आ गया था। इसके बाद तो कोई भी उनके नाम से खौफ खाने लगा था। 

मुख्‍तार अंसारी और माफिया मुन्‍ना बजरंगी ने दी थी सुपारी

 डिप्‍टी जेलर अनिल त्‍यागी के हत्‍या की सुपारी मुख्‍तार अंसारी और मुन्‍ना बजरंगी ने अपने खास शार्प शूटर

बदमाश वकील पांडेय और अमजद को दी थी। डिप्‍टी जेलर अनिल त्‍यागी से मुख्‍तार और मुन्‍ना बजरंगी खुन्‍नस खाते थे। इसलिए दोनों ने अनिल त्‍यागी के हत्‍या की सुपारी अपने दो खास शूटरों को दी थी।

Indian T20 League

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

kumbh-mela-2021