प्रयागराज,जेएनएन । स्वामी वासुदेवानंद नेे कहा कि अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर मंदिर निर्माण शुरू होने पर कारसेवा के लिए वे भी जाएंगे। उन्होंने यह बात अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय से आए फैसले के ठीक एक माह पूरे होने पर सोमवार को कही। अवसर था अलोपीबाग स्थित भगवान आदि शंकराचार्य मंदिर श्री ब्रह्म निवास में नौ दिवसीय आराधना महोत्सव का। कहा कि उच्चतम न्यायालय ने मंदिर बनाने के लिए केंद्र सरकार को ट्रस्ट बनाने का आदेश दिया है।

फैसला न तो हिंदुओं के पक्ष में है और न ही मुस्लिमों के विरुद्ध

स्वामी वासुदेवानंद नेे कहा कि  उच्चतम न्यायालय ने जो निर्णय दिया है व न तो हिंदुओं के पक्ष में है और न ही मुस्लिमों के विरुद्ध। कथा के दौरान स्वामी वासुदेवानंद ने कहा कि शुरुआती दिनों में श्रीमद्ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य ब्रह्मलीन स्वामी शांतानंद सरस्वती, गोरक्ष पीठाधीश्वर योगी महंत अवेद्यनाथ, ब्रह्मलीन प्रभुदत्त ब्रह्मचारी, बामदेव महाराज, परमहंस रामचंद्र दास, उड़पी वाले स्वामी जी और महंत नृत्य गोपाल दास सहित प्रमुख संतों के मार्गदर्शन में श्रीराम जन्मभूमि मुक्ति अभियान चलाया गया। स्व. अशोक सिंहल ने विभिन्न पंथ और विचारधारा के संत महात्माओं और संगठनों को एक साथ मंच (विश्व हिंदू परिषद) पर लाने में कठिन परिश्रम किया। स्वामी वासुदेवानंद ने कहा कि अब ट्रस्ट का काम मंदिर बनवाना है और वे भी कारसेवा के लिए जाएंगे।

श्रद्धालुओं ने सुनी संगीतमयी कथा

आराधना महोत्सव में हो रही श्रीमद भागवत कथा में महंत रामानंद दास ने भक्तों को संगीतमयी कथा का रसपान कराया। इससे पहले त्रिवेणी बांध पर श्री राम जानकी मंदिर के वार्षिक पाटोत्सव कार्यक्रम में भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण जी और हनुमान जी का माल्यार्पण किया गया।

Posted By: Brijesh Srivastava

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