प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय में पहली बार गठित छात्र परिषद पोल में इविवि प्रशासन को शिकस्त मिली है। छात्र नेताओं ने इसे आंदोलन की बड़ी जीत बताया है। छात्र परिषद को प्रत्याशी न मिलने पर छात्रों ने बालसन चौराहे पर जश्न मनाया। दीपावली से पहले जमकर रंग और गुलाल उड़ाया।

70 पदों के लिए 17 नामांकन हुए, 15 नामांकन वापस और एक पर आपत्ति लगाई

छात्र परिषद के 70 पदों के लिए 17 नामांकन किए गए थे। इसमें से 15 नामांकन वापस हो गए। एक नामांकन पर आपत्ति लगा दी गई है। इसको विश्वविद्यालय प्रशासन की हार के रूप में देखा जा रहा है। वहीं छात्रनेता इसे अपनी जीत बता रहे हैं। संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले छात्र जश्न में डूबे रहे। अबीर-गुलाल उड़ाकर होली खेली। छात्रों ने कहा कि संयुक्त संघर्ष समिति के 109 दिन तक चले आंदोलन को सफलता मिली है।

यह जनतंत्र की जीत है और इसका जश्न पूरा विश्वविद्यालय मना रहा : निवर्तमान अध्यक्ष

निवर्तमान अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव ने कहा यह जनतंत्र की जीत है और इसका जश्न पूरा विश्वविद्यालय मना रहा है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र ने कहा कि छात्र परिषद की नाकामी छात्रसंघ की जीत है। शोध छात्रा नेहा यादव ने कहा कि यह लोकतंत्र की जीत है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय की तानाशाही पर छात्रों ने अंकुश लगा दिया। छात्रों ने कुलपति से नैतिकता के आधार पर अपनी पूरी टीम के साथ इस्तीफा देने की मांग की।

प्रो. शास्त्री ने कुलपति से मांगा इस्तीफा

इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. रामकिशोर शास्त्री ने विश्वविद्यालय के छात्रों की ओर से छात्र परिषद् का बहिष्कार करने पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहाकि छात्रों ने इविवि प्रशासन तथा कुलपति प्रो. हांगलू के प्रति अविश्वास भी जाहिर कर दिया है। उन्होंने कुलपति समेत सभी से त्यागपत्र की मांग की है।

Posted By: Brijesh Srivastava

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