प्रयागराज, जेएनएन। इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से तय मियाद शनिवार को हुई पूरी हो गई है। इस दौरान 643 कमरे खाली हो चुके हैं। वहीं तय मियाद पूरी होने के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन रविवार को भारी फोर्स के साथ मुस्लिम हॉस्टल पहुंचा। फिर कमरे खाली कराए जाने लगे। इस दौरान छात्रों में हड़कंप मचा रहा। इसके बाद छात्रों के सामान हास्टल के कमरों से बाहर निकाले जाने लगे। सामान को विभिन्न वाहनों से छात्र ले जाते रहे।

 इविवि प्रशासन ने कहा कि था रविवार से छात्रावासों के कमरे खाली कराए जाएंगे 

इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सभी हॉस्टलों (छात्रावासों) को खाली करने के निर्देश की मियाद शनिवार को पूरी हो गई। विभिन्न महिला एवं पुरुष छात्रावासों के 643 कमरे छात्र-छात्राओं ने खाली कर दिए। इसके अलावा ऐसे भी छात्र-छात्राएं हैं जो कमरे न खाली करने की जिद पर अड़े रहे। देर शाम तक वह इविवि प्रशासन के नोटिस के विरोध में प्रदर्शन करते रहे। 

 

25 मई तक कमरे खाली करने की छात्रों को दी गई थी नोटिस

गुरुवार को इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. रामसेवक दुबे और डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश और ग्रीष्मावकाश में हॉस्टलों के रखरखाव का हवाला देते हुए सभी छात्रों को 25 मई तक कमरे खाली करने का नोटिस जारी किया था। इसके विरोध में शुक्रवार को सैकड़ों छात्रों ने डीएसडब्ल्यू दफ्तर के बाहर हंगामा किया था। शनिवार को विभिन्न पुरुष छात्रावासों से कुल 388 कमरे खाली हुए। इसी तरह सभी महिला छात्रावासों को मिलाकर 255 कमरे खाली किए गए। इसके अलावा कई विद्यार्थी कमरे न खाली करने पर अड़े रहे।

छात्र और छात्राओं ने किया था प्रदर्शन

इन सबके बीच महिला छात्रावास गेट के बाहर छात्राओं ने शोध छात्रा नेहा यादव की अगुवाई में प्रदर्शन कर और इविवि प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस पर कई थानों की फोर्स के साथ महिला पुलिस पहुंची। छात्राओं का कहना था कि वह इतने कम वक्त में कमरा कैसे ढूंढें। इविवि प्रशासन को वक्त देना होगा। इसी बीच छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, महामंत्री शिवम सिंह, उप मंत्री सत्यम सिंह सनी भी तमाम छात्रों के साथ वहां पहुंचकर नारेबाजी की। उनका कहना था इविवि प्रशासन को अपना फैसला टालना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो इसके लिए वह आंदोलन करेंगे।

...अन्यथा छात्रावास की सुविधा से वंचित कर दिया जाएगा

इविवि प्रशासन रविवार को हॉस्टलों को पुलिस बल के साथ खाली कराया जाने लगा है। चीफ प्रॉक्टर प्रो. दुबे ने कहा था  कि वह अचानक किसी भी हॉस्टल में पहुंच सकते हैं। छात्रों से स्पष्ट कहा है कि वह हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में स्वेच्छा से हॉस्टल खाली कर दें। अधीक्षक को चाबी सौंपकर नो ड्यूज का प्रमाणपत्र ले लें। उपद्रव करने वालों पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐसे छात्रों को हमेशा के लिए छात्रावास की सुविधा से वंचित कर दिया जाएगा।

बवाल की आशंका में मुस्तैद रही पुलिस

इविवि प्रशासन की ओर से शुक्रवार को डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर बवाल की आशंका जताते हुए परिसर में फोर्स तैनाती की मांग की थी। शनिवार को दिनभर पुलिस परिसर में मौजूद रही। वहीं रविवार को हॉस्टल खाली कराते समय भारी संख्या में पुलिस फोर्स मौजूद रही।

हॉस्टल वॉशआउट तानाशाहीपूर्ण फैसला

दिशा छात्र संगठन की ओर से हॉस्टल वॉशआउट और छात्रसंघ भंग करके छात्र परिषद का गठन करने के विरोध में बैठक की गई। संगठन के अमित ने कहा कि विवि प्रशासन हॉस्टल वॉशआउट केवल इसलिए कर रहा है, जिससे छात्रसंघ की जगह छात्र परिषद लाने पर छात्रों के प्रतिरोध को तोड़ा जा सके। उनका कहना है पूरी फीस लेने के बाद जब समय पर हॉस्टल एलाट नहीं किया गया तो किस आधार पर विवि प्रशासन हॉस्टल वॉशआउट करा रहा है। यह इविवि प्रशासन का तानाशाहीपूर्ण फैसला है। 

समर हॉस्टल में इन्हें मिलेगी सुविधा

इविवि प्रशासन ने डॉ. एएन झा, केपीयूसी हॉस्टल तथा हॉल ऑफ रेजीडेंस को समर हॉस्टल बनाया है। यहां शोध छात्र-छात्राओं के अलावा दिव्यांग भी रह सकेंगे। इसके एवज में उन्हें प्रतिमाह 1500 रुपये शुल्क देना होगा। हॉस्टलों में रहने वाले जो छात्र किसी भी आयोग की मुख्य परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, उनको प्रवेश पत्र उपलब्ध कराने पर समर हॉस्टल में रहने की सुविधा दी जाएगी। 

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Posted By: Brijesh Srivastava

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