इलाहाबाद (जेएनएन)। उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि अदालतों में मुकदमों की बढ़ती संख्या से निपटने के लिए लोक अदालत, ग्राम न्यायालय और फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे नए तरीकों को अपनाना चाहिए। वादकारियों को त्वरित न्याय देने के लिए कदम उठाया जाना जरूरी है, क्योंकि न्याय में देरी न्याय देने से इन्कार करने जैसा है। वेंकैया नायडू ने कहा कि जनतंत्र की जड़ों को गहराई तक पहुंचाने में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका है।बढ़ते साइबर अपराध पर चिंता

इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर में एनेक्सी भवन के उद्घाटन के बाद उन्होंने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआइटी) में विजन डाक्यूमेंट 'बीयोंड ट्वेंटी बाय 2020 पुस्तक का भी उद्घाटन किया।हाईकोर्ट परिसर में उद्घाटन के बाद इलाहाबाद मेडिकल एसोसिएशन के भवन में आयोजित समारोह में उन्होंने बढ़ते साइबर अपराध पर भी चिंता जाहिर की और इसे न्याय व्यवस्था के लिए एक चुनौती बताया। कहा कि इस खतरे को भांपते हुए सरकार व अदालतों ने जरूरी कदम उठाए हैं। समारोह में राज्यपाल रामनाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मुख्य न्यायाधीश डीबी भोंसले सहित कई मंत्री न्यायमूर्तिगण व अधिवक्ता मौजूद थे।

समय के साथ बदलाव जरूरी

बाद में ट्रिपलआई पहुंचे उप राष्ट्रपति ने उद्घाटन समारोह में कहा कि विज्ञान व तकनीकी का उद्देश्य मानव जीवन का कल्याण होना चाहिए। बदलाव प्रकृति का नियम है और समय के साथ किए गए बदलाव से ही युवा आगे बढ़ सकते हैं। युवाओं का आह्वान किया कि आपने शिक्षण संस्थान, अपने देश से जो लिया है उसके बदले कुछ देना सीखें। इसी से देश आगे बढ़ेगा। साथ ही चेताया भी कि पश्चिम की अंधी दौड़ हमें कई बार पीछे धकेल देती है। कार्यक्रम को मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ व राज्यपाल राम नाइक ने भी संबोधित किया। यहां उन्होंने सेंट्रल कम्प्यूटिंग फेसिलिटी, इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन सेंटर व इंडोर स्पोट्र्स काम्प्लेक्स की आधारशिला का अनावरण भी किया। 

Posted By: Nawal Mishra

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