प्रयागराज, जेएनएन। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद (अतुल मिश्र) व इप्सेफ के संयुक्त तत्वावधान में जनपद के सभी घटक दलों के कर्मचारी विरोध कर रहे हैं। वह स्थगित डीए को वापस दिलाने के लिए कर्मचारियों ने भारी संख्या में ट्वीटर व मेल के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा है। साथ ही कर्मचारियों ने काला फीता बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।

बोले कर्मचारी नेता-लॉकडाउन के बाद बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार होगी

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के संयोजक पंकज शर्मा व राजबहादुर यादव ने बताया कि अभी ये संकेतात्मक आंदोलन है। यदि सरकार कर्मचारियों के उत्पीडऩ से बाज नहीं आती है तो लॉकडाउन के पश्चात बड़े आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। मातृ शिशु कल्याण महिला कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष मीरा देवी ने कहा कि सरकार को कर्मचारियों के हित के बारे में भी सोचना चाहिए। अशोक पांडेय, बीएन सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष उषा पाठक, एसके सिंह, सतीश दुबे, जीतू प्रसाद, आनंद सिंह, पुरुषोत्तम, अमृत लाल, विश्वनाथ, पंकज त्रिपाठी, ज्ञान सिंह, अंजनी गौतम ने अपने अपने कार्यस्थल से इसका समर्थन किया।

डीए समेत अन्य भत्तों की कटौती के विरोध में कर्मचारी और शिक्षक

डीए समेत अन्य भत्तों में की गई कटौती के विरोध में कर्मचारियों और शिक्षकों ने  दूसरे दिन मंगलवार को भी बाहों में काली पट्टी बांधकर काम किया। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।

25 मई तक यह विरोध जारी रहेगा

उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के आह्वान पर उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ की ओर से 18 से 25 मई तक यह विरोध जारी रहेगा। इसके अनुपालन के लिए महासंघ के जिलाध्यक्ष विजयेंद्र प्रताप सिंह और समन्वय समिति के संयोजक अश्विनी कुमार श्रीवास्तव अपने साथियों के साथ दूसरे कार्यालयों में जाकर वहां के कर्मचारियों से बात की। कई अन्य पदाधिकारियों से मोबाइल पर बात करके विरोध को सफल बनाने की अपील की। महासंघ के रुद्र प्रताप सिंह, कड़ेदीन यादव, जिलामंत्री घनश्याम पांडेय, कोषाध्यक्ष संजीव श्रीवास्तव, मीडिया प्रभारी विजय कथूरिया, जमाल कमर आदि ने सभी कर्मचारियों से काला फीता बांधकर काम करने के लिए कहा। समिति की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा जाएगा।

 

Posted By: Brijesh Srivastava

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस