प्रयागराज, जेएनएन। स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) से रेफर मरीजों को अब पैथालॉजी की जांच कराने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अगर उन्‍होंने एसआरएन अस्‍पताल में खून और पेशाब की जांच करा ली है तो उसे मान्‍य करार दिया जाएगा। यही नहीं मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से संबद्ध इस अस्पताल की पैथालॉजी लैब में होने वाली जांच रिपोर्ट अब दुनिया के 80 देशों में मान्य होगी। इस लैब की जांच रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर नेशनल एक्रीडिएशन बोर्ड ऑफ लैबोटरी (एनएबीएल) ने मुहर लगाई है। 

एसआरएन से रेफर मरीजों को फिर से पैथालॉजी जांच करानी होती थी

अभी यह गंभीर संकट था कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल (एसआरएन) से मरीज रेफर किए जाने पर डॉक्टर यहां की पैथालॉजी की ब्लड और यूरिन जांच को नकार कर पुन: जांच कराते थे। हालांकि अब ऐसा नहीं होगा। इससे मरीजों का खर्च भी बचेगा और परेशानी भी। आइएसओ की टीम ने सितंबर में प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के लैब के गुणवत्ता की जांच की थी। इसमें गुणवत्ता व मशीनों के बारे में जानकारी ली थी। लैब में सभी तरह की मशीनें व तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध पाई गई थीं। इसके बाद एनएबीएल ने मान्यता दी है। अब यदि इस लैब में कोई जांच होती है तो वह विश्वसनीय मानी जाएगी। यदि मरीज को किसी दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया जाता है तो डॉक्टर पुन: इन जांचों के लिए अब नहीं कह सकेंगे।

क्या है एनएबीएल

क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया का एनएबीएल एक घटक है। इसका उद्देश्य सरकार और संबंधित उद्योग से जुड़ी कंपनियों की सेवाओं और उत्पादों का परीक्षण एवं लैबोंं की गुणवत्ता व तकनीकी क्षमता का मूल्यांकन करना  है। यह दुनिया के 80 देशों में मान्य है।

क्या कहती हैं विभागाध्यक्ष

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में पैथालाजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. वत्सला मिश्रा ने बताया कि हमारे लैब को एनएबीएल की मान्यता मिलना सबके लिए गर्व की बात है। इसके पहले किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज, राममनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ व कुछ निजी अस्पतालों के लैब को यह मान्यता मिली है।

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